पाम तेल आयातदिसंबर में भारत के पाम ऑयल आयात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सर्दियों के मौसम में मांग कमजोर रहने और रिफाइनरों के सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल की ओर झुकाव बढ़ने से पाम ऑयल की खरीद पर असर पड़ा है. डीलरों के अनुमान के मुताबिक, दिसंबर में पाम ऑयल आयात घटकर आठ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया. आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत का पाम ऑयल आयात महीने-दर-महीने आधार पर करीब 20 फीसदी घटकर लगभग 5.07 लाख टन रह गया.
यह स्तर अप्रैल 2025 के बाद सबसे कम माना जा रहा है. इसके उलट, वैकल्पिक खाद्य तेलों की मांग में तेज उछाल देखने को मिला. सोयाबीन तेल का आयात करीब 37 फीसदी बढ़कर 5.08 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि सूरजमुखी तेल का आयात दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 3.50 लाख टन रहा, जो बीते 17 महीनों का उच्चतम स्तर है.
पाम ऑयल में आई इस कमजोरी के बावजूद, कुल खाद्य तेल आयात में इजाफा दर्ज किया गया. दिसंबर में भारत का कुल खाद्य तेल आयात करीब 19 फीसदी बढ़कर 13.7 लाख टन तक पहुंच गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की अधिक खरीद के कारण हुई. हालांकि, इन आंकड़ों में नेपाल से थल मार्ग के जरिए आए ड्यूटी-फ्री आयात को शामिल नहीं किया गया है.
उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में पाम ऑयल की खपत परंपरागत रूप से कम हो जाती है. ठंड के कारण पाम ऑयल जमने लगता है, जिससे उत्तर भारत जैसे क्षेत्रों में इसके इस्तेमाल में दिक्कत आती है. इसके साथ ही घरेलू बाजार में मूंगफली तेल, सोयाबीन तेल और कपास बीज तेल की उपलब्धता बेहतर रहने से भी पाम ऑयल की मांग दबाव में रही.
गुजरात के राजकोट स्थित खाद्य तेल कारोबारी राजेश पटेल के अनुसार, घरेलू तेलों की सप्लाई मजबूत होने से आयातकों ने पाम ऑयल के बजाय अन्य विकल्पों को प्राथमिकता दी. वहीं, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में समाप्त मार्केटिंग वर्ष के दौरान भारत ने औसतन हर महीने करीब 6.32 लाख टन पाम ऑयल का आयात किया था.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर में आई गिरावट से इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में स्टॉक बढ़ सकता है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय पाम ऑयल कीमतों पर पड़ सकता है. हालांकि, जनवरी में तस्वीर बदल सकती है. पाम ऑयल फिलहाल सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के मुकाबले सस्ता कारोबार कर रहा है, ऐसे में आने वाले महीने में इसकी मांग फिर से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. (रॉयटर्स)
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