हनुमानगढ़ में इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शनराजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र के राठी खेड़ा में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर किसानों का आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है. फैक्ट्री के विरोध में चल रहे लंबे प्रदर्शन के बीच बुधवार को संगरिया में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया. इस महापंचायत में क्षेत्र के हजारों किसानों ने शिरकत कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी.
महापंचायत में किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं होगा. मुख्य रूप से दो मांगों पर जोर दिया गया है-
मुकदमों की वापसी: आंदोलन के दौरान अलग-अलग प्रदर्शनों में किसानों पर जो पुलिस मामले (मुकदमे) दर्ज किए गए हैं, उन्हें बिना शर्त तुरंत वापस लिया जाए.
MOU रद्द करना: सरकार और कंपनी के बीच इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर हुए MOU (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) को पूरी तरह निरस्त किया जाए.
किसानों का तर्क है कि टिब्बी क्षेत्र में इथेनॉल फैक्ट्री लगने से न केवल भूजल का दोहन होगा, बल्कि इससे निकलने वाले प्रदूषण से स्थानीय खेती और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा. किसान नेताओं ने मंच से चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन किसानों के सब्र का इम्तिहान न ले. अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन केवल राठी खेड़ा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले में चक्का जाम किया जाएगा."
महापंचायत के बाद किसान प्रतिनिधियों का एक दल प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगा. किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक फैक्ट्री का प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द नहीं हो जाता, उनका धरना और विरोध प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा. सुरक्षा की दृष्टि से महापंचायत स्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा.
भीड़ की आशंका को देखते हुए, जिला प्रशासन ने संगरिया में हाई अलर्ट जारी कर दिया. धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है. इस आदेश में हथियार या लाठी ले जाने, बिना इजाजत मीटिंग करने और धार्मिक जगहों का इस्तेमाल सभाओं के लिए करने पर भी रोक लगाई गई है.
कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए, प्रशासन ने मंगलवार शाम 6 बजे से संगरिया तहसील और उसके 10 किलोमीटर के दायरे में 30 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं.
आधिकारिक आदेशों के अनुसार, इंटरनेट सेवाएं 7 जनवरी को रात 11.59 बजे तक बंद रहेंगी. यह फैसला हनुमानगढ़ के जिला कलेक्टर के प्रस्ताव के बाद बीकानेर के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ने लिया.
प्रशासन ने बताया कि महापंचायत के दौरान बड़ी भीड़ जमा होने, अफवाहें फैलने और शांति भंग होने की आशंका के कारण यह निलंबन जरूरी था. अधिकारियों ने कहा कि यह कदम सोशल मीडिया और इंटरनेट-आधारित प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करके अशांति फैलाने से रोकने के लिए उठाया गया है.
आदेश में साफ किया गया है कि जरूरी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. अस्पतालों, बैंकों और औद्योगिक इकाइयों में वॉइस कॉल, लैंडलाइन सेवाएं, SMS और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं को छूट दी गई है. सिर्फ मोबाइल डेटा सेवाएं बंद की गई हैं.
टिब्बी की इथेनॉल फैक्ट्री का विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि किसानों को लगता है कि इससे प्रदूषण बढ़ेगा और उनकी जमीन बंजर हो जाएगी. उन्हें रोजगार जाने का भी डर है. इस विरोध प्रदर्शन में कई राज्यों के किसान शामिल हो गए हैं. यहां तक कि बीकेयू के राकेश टिकैत ने भी अपना समर्थन दिया है. हालांकि प्रशासन ने इस फैक्ट्री को लगाने से इनकार कर दिया है. इसके बावजूद किसानों का आंदोलन जारी है.
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