Haryana News: कृषि फंड खर्च करने में हरियाणा आगे, किसानों को हुआ फायदा ही फायदा 

Haryana News: कृषि फंड खर्च करने में हरियाणा आगे, किसानों को हुआ फायदा ही फायदा 

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG) और सहकारी संस्थाओं को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, छंटाई-ग्रेडिंग यूनिट, प्रोसेसिंग यूनिट्स और खेती में ऑटोमेशन जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए आसान और लंबे समय तक फंड उपलब्ध कराया जा रहा है.फिलहाल 25 से ज्‍यादा प्रोजेक्‍ट्स को इसका फायदा मिल रहा है.

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Haryana News: कृषि फंड खर्च करने में हरियाणा आगे, किसानों को हुआ फायदा ही फायदा 

हरियाणा ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत कृषि ढांचे के विकास में लक्ष्य के अनुसार ही बेहतर प्रदर्शन किया है. फसलों के बाद के प्रबंधन, भंडारण, प्रोसेसिंग और आधुनिक कृषि सुविधाओं के विस्तार से राज्य के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिला है. इससे उनकी आमदनी बढ़ने के साथ कृषि क्षेत्र को भी नई मजबूती मिली है. कृषि मंत्रालय की एडिशनल डायरेक्‍टर डॉक्‍टर मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत किसानों को दो करोड़ रुपए तक की आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है. 

कई प्रोजेक्‍ट्स को मिल रहा फायदा 

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG) और सहकारी संस्थाओं को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, छंटाई-ग्रेडिंग यूनिट, प्रोसेसिंग यूनिट्स और खेती में ऑटोमेशन जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए आसान और लंबे समय तक फंड उपलब्ध कराया जा रहा है.फिलहाल 25 से ज्‍यादा प्रोजेक्‍ट्स को इसका फायदा मिल रहा है.

डॉ. मनिंदर कौर चंडीगढ़ में कृषि विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और FPO की 8 राज्यों की क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं. इस सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, लद्दाख और हरियाणा के किसान, एफपीओ और बैंक प्रतिनिधि शामिल हुए. 

उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड किसानों के लिए एक महत्वाकांक्षी और प्रभावी योजना है. इससे देशभर में कृषि ढांचे को मजबूती मिली है और किसान आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं. यह योजना फसल कटाई से लेकर स्‍टोरेज, प्रोस‍ेसिंग और मार्केंटिंग तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करती है ताकि गांव से शहर तक किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके और छोटे से छोटे किसान को भी फायदा हो.

किसानों को मिल रहा सस्‍ता ऋण 

मनिंदर कौर ने बताया कि AIF के जरिये देश के करीब 12–13 करोड़ किसानों को 9 प्रतिशत तक की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को भी महत्वाकांक्षी जिलों में लागू किया गया है. हरियाणा और पंजाब के एक-एक जिले में इस योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है. उन्होंने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का लक्ष्य के अनुरूप उपयोग करने और अधिकतम किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हरियाणा व पंजाब की सराहना की.

कृषि मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव एन. बालागन पी ने बताया कि पिछले पांच सालों में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत फसल कटाई के बाद होने वाले करोड़ों रुपए के नुकसान को रोका गया है. अगर फसल को कुछ समय तक सुरक्षित रखा जाए तो किसानों को कई गुना अधिक दाम मिल सकते हैं. इसलिए किसानों को इस योजना से जुड़कर अपने उत्पादन को सुरक्षित करना चाहिए.

कितना था लक्ष्य, कितने मिला किसानों को 

हरियाणा कृषि विभाग के स्टेट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चंद्र मोहन धीमान की मानें तो राज्य में 4,850 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 4,334 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं. साथ ही 9,204 किसानों के प्रोजेक्‍ट्स को भी मंजूरी दी गई है. इस योजना के तहत फसल विविधीकरण और 3,095 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर खास ध्‍यान दिया गया है. कुरुक्षेत्र के भोढी गांव में आलू बीज संयंत्र, सिरसा के नाथूसरी में फसल अवशेष प्रबंधन, नारनौल में सरसों ऑयल मिल पर सोलर प्लांट और करनाल के तरावड़ी में गुरु ड्रोन प्लांट इसकी प्रमुख मिसाल हैं.

कॉन्फ्रेंस के दौरान एआई फंड के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बैंकों और राज्यों को सम्मानित किया गया. एसबीआई ने 11,250 प्रोजेक्‍ट्स को मंजूरी देकर 2,420 करोड़ रुपए वितरित कर पहला स्थान हासिल किया है. पीएनबी ने 3,847 प्रोजेक्‍ट्स पर 11,151 करोड़ रुपए जारी कर दूसरा स्थान और बैंक ऑफ इंडिया ने 4,559 परियोजनाओं को मंजूरी देकर 1,014 करोड़ रुपए वितरित कर तीसरा स्थान हासिल किया. 

ग्रामीण बैंकों में कौन आगे 

ग्रामीण बैंकों की अगर बात करें तो हरियाणा ग्रामीण बैंक पहले, पंजाब ग्रामीण बैंक दूसरे और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक तीसरे स्थान पर रहा. वहीं प्राइवेट सेक्टर में एचडीएफसी, जम्मू-कश्मीर बैंक और आईडीबीआई बैंक के कार्यों की भी सराहना की गई. राज्य स्तर पर एआई फंड के बेहतर प्रदर्शन के लिए पंजाब को पहला, उत्तर प्रदेश को दूसरा और हरियाणा को तीसरा स्थान प्रदान किया गया. इस क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस को महानिदेशक बागवानी हरियाणा डॉ. रणबीर सिंह, पंजाब कृषि विभाग के महानिदेशक डॉ. शैलेंद्र कौर, उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अर्चना राय सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने संबोधित किया. 

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