किसान परिवार की बेटियों का कमाल: सीतापुर की छात्राओं ने UP Board 2026 में किया टॉप

किसान परिवार की बेटियों का कमाल: सीतापुर की छात्राओं ने UP Board 2026 में किया टॉप

उत्तर प्रदेश के सीतापुर की दो छात्राओं ने UP Board Result 2026 में 10वीं और 12वीं में टॉप कर इतिहास रचा. साधारण किसान परिवार से आई इन बेटियों की सफलता लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बनी.

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किसान परिवार की बेटियों का कमाल: सीतापुर की छात्राओं ने UP Board 2026 में किया टॉपयूपी में 10वीं और 12वीं में बेटियों का कमाल

UP Board Result 2026 में इस बार चौंकाने वाले नतीजे आए हैं. यह नतीजा सिर्फ नंबर और मेरिट लिस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कहीं आगे है. इस बार का रिजल्ट एक ऐसी कहानी लेकर आया है जिसे पूरे भारत के कई परिवार दिल से महसूस करेंगे.

सीतापुर की दो लड़कियों ने इस साल UP Board की परीक्षाओं में टॉप किया है. कशिश वर्मा ने हाई स्कूल परीक्षा (UP 10th result 2026) में 97.83 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप रैंक हासिल की, जबकि शिखा वर्मा ने इंटरमीडिएट परीक्षा (UP 12th result 2026) में 97.60 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया.

एक ही स्कूल, एक ही बैकग्राउंड, बड़े सपने

इस उपलब्धि को और भी बड़ा बनाती है उनका बैकग्राउंड. दोनों छात्राओं ने महमूदबाद के बिलाउली बाजार में स्थित बाबूराम सावित्री देवी स्कूल में पढ़ाई की. दोनों पूरी तरह से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं, और दोनों के पिता किसान हैं.

एक गांव के स्कूल से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में टॉप करने तक, उनकी सफलता सीतापुर से भी कहीं दूर के छात्रों को प्रेरित कर रही है.

UP BOARD CLASS 10 AND 12 RESULT 2026 जारी

UP Board Class 10 के नतीजों में इस साल कुल पास प्रतिशत 90.11 प्रतिशत रहा, जबकि UP Board Class 12 के नतीजों में कुल पास प्रतिशत 81.15 प्रतिशत रहा.

छात्र UP Board Result 2026 ऑनलाइन, आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर देख सकते हैं. 

दोनों ही कक्षाओं में लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पीछे छोड़ दिया. UP 12th के नतीजों में टॉप 3 स्थानों पर लड़कियों का ही कब्जा रहा, जबकि UP 10th के नतीजों में भी टॉप 3 स्थानों पर लड़कियों का ही दबदबा रहा.

पूरे उत्तर प्रदेश में हाई स्कूल परीक्षा में 52 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे.

यह कहानी दिल को क्यों छूती है?

ऐसे समय में जब कोचिंग हब और महंगे संसाधन सुर्खियों में छाए रहते हैं, यह नतीजा—जिसमें लड़कियों ने टॉप रैंक हासिल की है, और वह भी इतने साधारण बैकग्राउंड से—एक अलग ही संदेश देता है. प्रतिभा खेतों-खलिहानों, छोटे शहरों और साधारण घरों से भी निकलकर आगे बढ़ सकती है.

UP Board Result 2026 में कई आंकड़े छिपे हैं. लेकिन आज की सबसे बड़ी सुर्खी उन दो लड़कियों के नाम है, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि सपनों को किसी शहरी पते की जरूरत नहीं होती. यह भी साबित होता है कि सपने बड़े होने चाहिए, चाहे कोई नौकरी पेशा हो या किसान. किसान केवल खेत में फसलों का भविष्य ही तय नहीं करता, वह परिवार का भविष्य भी गढ़ता है. (अरविंद मोहन शर्मा के इनपुट के साथ)

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