ओडिशा में राहत पैकेज जारी (AI Image)ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात अर्नब और उसके बाद हुई भारी बारिश व बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया है. इसके तहत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50 किलो चावल और 2,500 रुपये की नकद सहायता दी जाएगी. इसके अलावा फसल, मकान, दुकानों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान के लिए भी अलग-अलग श्रेणियों में आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार शाम राज्य में बाढ़ और बारिश से पैदा हुए हालात की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि गंजाम, गजपति और कंधमाल समेत दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में चक्रवात अर्नब के बाद हुई भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है. हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हुई है और कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है. फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है. सरकार की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरी सेवाओं को बहाल करने की है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छोटे और सीमांत किसानों की फसल को 33 फीसदी या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें कृषि इनपुट सब्सिडी दी जाएगी. वर्षा आधारित और गैर-सिंचित क्षेत्रों के किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी. वहीं, सुनिश्चित सिंचाई वाले क्षेत्रों में फसल नुकसान पर 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे.
आम और काजू जैसी बहुवर्षीय फसलों को नुकसान होने पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. प्रभावित किसानों को न्यूनतम 2,500 रुपये की कृषि इनपुट सब्सिडी मिलेगी. वहीं, गैर-सिंचित क्षेत्रों के लिए न्यूनतम सहायता 1,000 रुपये निर्धारित की गई है.
बाढ़ के कारण खेतों में जमा हुई रेत और गाद हटाने के लिए सरकार प्रत्येक प्रभावित किसान को 18,000 रुपये देगी. इसके अलावा किसानों को मुफ्त में 1.75 लाख मिनी किट वितरित किए जाएंगे, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें.
मकानों को हुए नुकसान के आधार पर भी सहायता राशि तय की गई है. मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1.20 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये दिए जाएंगे. आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों के लिए 6,500 रुपये और कच्चे मकानों के लिए 4,000 रुपये की सहायता मिलेगी.
चक्रवात और बाढ़ से प्रभावित कारोबारियों को भी राहत दी जाएगी. छोटी दुकानों, रेहड़ी-पटरी वालों और अस्थायी दुकानों के संचालकों को 10,000 रुपये मिलेंगे. वहीं, बड़ी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 25,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.
मछली पालन और मत्स्य कारोबार से जुड़े लोगों के लिए मुख्यमंत्री ने अलग राहत की घोषणा की है. प्रभावित मछुआरों को नाव खरीदने के लिए 22,500 रुपये और मछली पकड़ने के जाल के लिए 15,000 रुपये दिए जाएंगे. वहीं, प्रभावित मत्स्य पालकों को नुकसान के आधार पर 1.12 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 75 फीसदी तक वित्तीय सहायता मिलेगी.
हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र से जुड़े प्रभावित कारीगरों को भी राहत पैकेज में शामिल किया गया है. उपकरणों को बदलने के लिए प्रति कारीगर 5,000 रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा कच्चे माल, निर्माणाधीन सामान और तैयार उत्पादों के नुकसान की भरपाई के लिए भी प्रति कारीगर 5,000 रुपये की सहायता मिलेगी.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि आंध्र प्रदेश के तट की ओर एक और चक्रवाती तूफान बढ़ रहा है. इसके गुजरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का दोबारा आकलन किया जाएगा और राहत पैकेज की समीक्षा होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों के चलते अगले एक-दो दिनों में प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य हो जाएगी. (पीटीआई)
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