आंध्र प्रदेश में चक्रवात का कहर (AI- Image)आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, शुरुआती आकलन में चक्रवात से करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों, किसानों और मछुआरों को राहत और मुआवजा देने का भरोसा दिया है. सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि चक्रवात से बचाव के लिए पहले से कई एहतियाती कदम उठाए गए थे. इसके बावजूद राज्य में सात लोगों की जान चली गई. सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है.
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी गोदावरी जिले में एक चक्रवात आश्रय स्थल का दौरा भी किया. यहां उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री बांटी. राहत किट में चावल, अरहर की दाल, खाना पकाने का तेल, आलू और दूसरी जरूरी चीजें शामिल थीं.
चक्रवात के कारण राज्य के बिजली ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रभावित इलाकों में 15 हजार से ज्यादा बिजली के खंभे उखड़ गए हैं. अकेले पश्चिमी गोदावरी जिले में करीब 12,500 पेड़ गिर गए हैं. इससे सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है. सरकार का लक्ष्य शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का है. सबसे पहले घरों में बिजली पहुंचाई जाएगी और इसके बाद किसानों को बिजली दी जाएगी. इस काम में तेजी लाने के लिए तेलंगाना से बिजली विभाग के अतिरिक्त कर्मचारियों को भी बुलाया गया है.
चक्रवात की वजह से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है. धान के खेतों और नारियल के बागानों पर इसका असर पड़ा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा. जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे नुकसान के लिए मुआवजे का दावा कर सकेंगे. मुख्यमंत्री ने दूसरे किसानों से भी फसल बीमा कराने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से जरूरी मदद दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने मछुआरों को भी सहायता देने का भरोसा दिया है. उन्होंने बताया कि राहत और पुनर्वास का काम शुरू हो चुका है. प्रभावित परिवारों को चावल और अन्य जरूरी सामान बांटा जा रहा है.
CM नायडू ने बताया कि केंद्र सरकार को शुरुआती नुकसान की रिपोर्ट भेज दी गई है. अब प्रभावित इलाकों में विस्तृत आकलन कराया जाएगा, ताकि नुकसान झेलने वाले परिवारों, किसानों और मछुआरों तक मदद पहुंचाई जा सके. सीएम ने राहत कार्यों में जुटे राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सराहना की. उन्होंने कहा कि सभी विभागों के तालमेल से राहत और बहाली का काम किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शुक्रवार को 'पीएम-किसान अन्नदाता सुखीभव' योजना के तहत किसानों के खातों में दूसरे साल की दूसरी किस्त के रूप में 7,000 रुपये भेजे गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को तीन किस्तों में सालाना कुल 20,000 रुपये की सहायता देने का वादा किया है. इसके साथ ही नायडू ने गोदावरी डेल्टा के आधुनिकीकरण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इससे इलाके में बाढ़ और जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है. (PTI)
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