असम में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत, सरकार बांटेगी नारियल और सुपारी के पौधे

असम में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत, सरकार बांटेगी नारियल और सुपारी के पौधे

असम सरकार बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार नारियल और सुपारी के पौधे बांट रही है. दोनों जिलों के किसानों को करीब 80 हजार नारियल और 1.60 लाख सुपारी के पौधे दिए जा रहे हैं.

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असम में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत, सरकार बांटेगी नारियल और सुपारी के पौधेसरकार बांटेगी नारियल और सुपारी के पौधे (AI- Image)

असम सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को दोबारा खेती शुरू करने और उनकी आजीविका मजबूत करने के लिए मदद का कदम उठाया है. राज्य के शिवसागर और चराइदेव जिलों में किसानों को नारियल और सुपारी के पौधे बांटे जा रहे हैं. सरकार का उद्देश्य किसानों को नुकसान से उबरने में मदद करना और उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध कराना है. राज्य के कृषि और सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने शिवसागर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसानों को पौधे बांटे, उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद करने के साथ-साथ राज्य में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने पर भी काम कर रही है.

दो जिलों में बांटे जाएंगे 2.40 लाख पौधे

सरकार के मुताबिक, शिवसागर और चराइदेव जिलों के किसानों को करीब 80 हजार नारियल के पौधे और 1.60 लाख सुपारी के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं. हाल ही में आई बाढ़ से अकेले शिवसागर जिले में करीब 50 हजार किसान प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा, पूरे असम में इस साल किसानों के बीच लगभग 2.84 लाख नारियल के पौधे और 8 लाख सुपारी के पौधे बांटे जा रहे हैं. इस पहल से किसानों को बागवानी अपनाने और लंबे समय तक आय के साधन तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

सिंचाई का दायरा बढ़ाने का लक्ष्य

कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने बताया कि फिलहाल असम की खेती योग्य जमीन के लगभग 21 प्रतिशत हिस्से में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है. सरकार अगले साढ़े चार वर्षों में खेती योग्य भूमि के 20 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्से को सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है. इससे किसानों को केवल बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.

रबी सीजन के लिए बीज उपलब्ध

कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले रबी सीजन में किसानों को जरूरी सहयोग दिया जाएगा. उनके मुताबिक, शिवसागर और चराइदेव जिलों में रबी की खेती के लिए पर्याप्त बीज उपलब्ध है. उन्होंने किसानों को एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फसलें उगाने और एक साल में कई फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित किया. इससे खेती से होने वाली कमाई बढ़ाने और किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है.

बागवानी से किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी

असम सरकार राज्य को बागवानी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी काम कर रही है. इसके तहत किसानों को नारियल और सुपारी के अलावा ड्रैगन फ्रूट, लीची, आम, कटहल और अगरवुड जैसे पौधे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं. सरकार का मानना है कि फसलों में विविधता लाने से किसानों को आय के नए विकल्प मिलेंगे. साथ ही बागवानी को बढ़ावा मिलने से कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी. (PTI)

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