माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों और अन्य कर्जदाताओं को कड़ी चेतावनीमहाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चेतावनी दी है कि अगर सूखे की मार झेल रहा कोई किसान परेशान किए जाने के कारण आत्महत्या कर लेता है, तो कर्ज देने वालों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और बैंकों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा.
शिंदे ने रविवार को कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव मदद देगी. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस कृषि संकट के दौरान हिम्मत न हारें.
वे नांदेड़ जिले के वाडी बुद्रुक में 100 बिस्तरों वाले उप-जिला अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे.
उपमुख्यमंत्री ने वित्तीय संस्थानों और रिकवरी एजेंटों को चेतावनी दी कि वे कर्ज वसूली के लिए किसानों को परेशान न करें. उन्होंने जोर देकर कहा कि जबरन वसूली के तरीकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा, "माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, बैंकों और कर्ज देने वालों को संकट में फंसे किसानों को परेशान नहीं करना चाहिए. अगर वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. अगर किसी किसान की प्रताड़ना के कारण मौत हो जाती है (आत्महत्या कर लेता है), तो हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा."
यह चेतावनी नांदेड़ में एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय के अंदर एक किसान के मृत पाए जाने के कुछ दिनों बाद आई है. किसान के परिवार का आरोप है कि उसने 10,000 रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन फाइनेंस कंपनी उससे 70,000 रुपये की मांग कर रही थी.
शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी, शिवसेना, किसानों की बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी उठाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने दिवाली से पहले किसानों को 5,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा, "यह 5,000 रुपये की मदद एक तात्कालिक सहायता है. बाकी मदद (फसल नुकसान के) सर्वे के आधार पर दी जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है कि वे महाराष्ट्र के किसानों के साथ खड़े हैं."
राज्य सरकार ने 358 में से 304 तहसीलों में सूखा घोषित किया है, जहां 2026 के खरीफ सीजन के दौरान 'ट्रिगर-1' और 'ट्रिगर-2' सिस्टम लागू किए गए हैं. 'ट्रिगर-1' और 'ट्रिगर-2' दो क्रमिक चरण हैं, जिनका उपयोग यह तय करने के लिए किया जाता है कि कोई क्षेत्र सूखा प्रभावित है या नहीं, और सूखे की गंभीरता कितनी है.
शिंदे ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा, "हिम्मत न हारें और न ही कोई चरम कदम उठाएं. इस कठिन समय में सरकार पूरी तरह से आपके साथ खड़ी है." उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को उनके हाल पर अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वाडी बुद्रुक में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दिलाएगा. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर से कहा कि वे अस्पताल में जल्द से जल्द सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
उन्होंने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से नांदेड़ में 'श्री गुरु गोबिंद सिंह जी जिला अस्पताल' के लिए 500 बिस्तरों वाली एक अत्याधुनिक इमारत का निर्माण भी किया जाएगा.
अबितकर ने कहा कि टाटा मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से 'महा केयर' पहल के जरिए नांदेड़ में कैंसर के इलाज की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद अशोक चव्हाण ने कहा कि प्रस्तावित 500 बिस्तरों वाला जिला अस्पताल और हाल ही में शुरू किया गया उप-जिला अस्पताल, नांदेड़ और आसपास के जिलों में स्वास्थ्य ढांचे को काफी मजबूत करेंगे.
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