कहीं आपकी हींग में तो नहीं मिलावट?हींग भारतीय रसोई का एक ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल दाल, सब्जी और कई तरह के व्यंजनों का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बाजार से खरीदी गई हींग असली है या उसमें किसी दूसरे पदार्थ की मिलावट की गई है? भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के ‘Eat Right India’ अभियान ने हींग में मिलावट की संभावित पहचान के लिए एक आसान घरेलू टेस्ट बताया है. इस टेस्ट के जरिए आप कुछ ही मिनट में हींग की शुद्धता का अंदाजा लगा सकते हैं.
FSSAI के मुताबिक, हींग में विदेशी रेजिन यानी किसी दूसरे रेजिन पदार्थ की मिलावट की जा सकती है. देखने में यह मिलावट आसानी से पकड़ में नहीं आती, इसलिए आम ग्राहक के लिए असली और मिलावटी हींग में अंतर करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में घर पर किया जाने वाला यह आसान टेस्ट शुरुआती जांच में मदद कर सकता है.
इसके लिए आपको बहुत ज्यादा हींग की जरूरत नहीं है. सबसे पहले एक चम्मच लें और उसमें थोड़ी सी हींग रखें. अब इस हींग के नमूने को सावधानी से जलाकर देखें. इस दौरान हींग के जलने के तरीके और लौ पर ध्यान देना है. अगर हींग जलाते समय कपूर की तरह तेज और चमकदार लौ के साथ जलती है, तो यह संकेत माना जाता है कि हींग शुद्ध हो सकती है. यानी जलने के दौरान इसका व्यवहार कपूर जैसा दिखाई देता है.
अब बात करते हैं मिलावटी हींग की. अगर हींग का नमूना जलाने पर कपूर जैसी चमकदार लौ नहीं देता, तो इसमें किसी बाहरी रेजिन पदार्थ की मिलावट होने की संभावना हो सकती है. ऐसे नमूने को मिलावटी हींग का संकेत माना जाता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक आसान घरेलू जांच है, इसे किसी खाद्य पदार्थ की शुद्धता की अंतिम वैज्ञानिक पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए. किसी उत्पाद की पक्की जांच के लिए मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला में परीक्षण जरूरी होता है.
हींग खरीदते समय सिर्फ उसकी खुशबू या कीमत देखकर फैसला न करें. पैकेट पर दिए गए लेबल, सामग्री, पैकिंग की तारीख और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी जरूर देखें. खुले में बिकने वाली हींग खरीदते समय भी उसकी गुणवत्ता और भरोसेमंद स्रोत का ध्यान रखना चाहिए. अगर घर में मौजूद हींग की गुणवत्ता को लेकर आपको शक है, तो इस आसान टेस्ट से शुरुआती तौर पर इसकी जांच कर सकते हैं. हींग को जलाते समय सावधानी जरूर रखें और बच्चों को इस तरह का टेस्ट खुद करने न दें.
मसालों में मिलावट सिर्फ स्वाद और खुशबू को प्रभावित नहीं करती, बल्कि खराब गुणवत्ता वाले पदार्थों के इस्तेमाल की वजह से सेहत पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर थोड़ी सी सावधानी जरूरी है. ‘Eat Right India’ का संदेश भी यही है कि सही भोजन चुनें और बेहतर जीवन की ओर बढ़ें. अगर किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का शक हो, तो केवल घरेलू टेस्ट पर निर्भर रहने के बजाय उसकी प्रमाणित जांच कराना सबसे सुरक्षित तरीका है.
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