असम में बाढ़ राहत को लेकर केंद्र ने दी बड़ी मंजूरी, कृषि योजनाओं के लिए 832 करोड़ रुपये स्‍वीकृ‍त

असम में बाढ़ राहत को लेकर केंद्र ने दी बड़ी मंजूरी, कृषि योजनाओं के लिए 832 करोड़ रुपये स्‍वीकृ‍त

असम में बाढ़ से प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करीब 5,000 करोड़ रुपये की आवासीय स्वीकृतियां दी गई हैं. प्रभावित किसानों को अतिरिक्त बीज और कृषि सहायता मिलेगी, जबकि कृषि योजनाओं के लिए 832.70 करोड़ रुपये और कृषि मशीनीकरण के लिए 33.36 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.

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असम में बाढ़ राहत को लेकर केंद्र ने दी बड़ी मंजूरी, कृषि योजनाओं के लिए 832 करोड़ रुपये स्‍वीकृ‍तबाढ़ प्रभावित असम को केंद्र से बड़ी राहत

असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित किसानों और ग्रामीण परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं. केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के साथ बैठक में आवास, बीज, कृषि सहायता और खेती से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि असम में बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे पूरा होने के बाद पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत नए मकान की सहायता दी जाएगी. केंद्र की ओर से असम के लिए करीब 5,000 करोड़ रुपये की आवासीय मंजूरियों से जुड़े पत्र मुख्यमंत्री को सौंपे गए हैं. राज्य सरकार ने पात्र परिवारों की पहचान के लिए सर्वे की अवधि भी 15 दिन बढ़ाई है, ताकि बाढ़ से प्रभावित कोई योग्य परिवार आवास सहायता से बाहर न रह जाए.

26 हजार से ज्यादा मकानों को नुकसान

असम में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर ग्रामीण इलाकों में घर प्रभावित हुए हैं. शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 26,681 मकानों को नुकसान पहुंचा है और इससे लगभग 480 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया है. केंद्र सरकार ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में राज्य को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया है.

किसानों को बीज और खेती के लिए अतिरिक्त सहायता

बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद देने पर भी केंद्र ने जोर दिया है. प्रभावित किसानों के लिए अतिरिक्त बीज और कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. सब्जी उत्पादन सहित जरूरी कृषि गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए भी राज्य को अतिरिक्त सहायता देने पर सहमति बनी है.

चाय बागान श्रमिकों को भी पीएम आवास का लाभ

असम के चाय बागान श्रमिकों के लिए भी केंद्र ने बड़ी राहत का रास्ता साफ किया है. भूमि का पट्टा मिलने के बाद अब पात्र श्रमिक परिवारों की पहचान डिजिटल सर्वे के जरिए की जाएगी. इसके बाद पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत घर बनाने के लिए सहायता मिल सकेगी.

कृषि क्षेत्र के लिए 832.70 करोड़ रुपये का प्रावधान

असम में कृषि विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कुल 832.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसमें 553 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है. इसके अलावा आरकेवीवाई के तहत करीब 279.5 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.

कृषि मशीनीकरण के लिए 33.36 करोड़ मंजूर

किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कृषि मशीनीकरण योजना के तहत 33.36 करोड़ रुपये की पहली मूल स्वीकृति जारी की गई है. इससे खेती में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और किसानों की लागत तथा श्रम संबंधी चुनौतियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा

बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एमआईडीएच के तहत असम की 96.87 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है. इसके तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों में सब्जी उत्पादन बढ़ाने के साथ कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग ढांचे को मजबूत करने पर जोर रहेगा. सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,500 नए बांस पॉलीहाउस भी स्वीकृत किए गए हैं.

महिला किसानों को मिलेंगे कृषि यंत्र

असम में महिला किसानों को पावर वीडर जैसे कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की योजना पर भी बैठक में चर्चा हुई. इसका उद्देश्य खेती में श्रम की कमी को दूर करने, लागत घटाने और महिला किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करना है. राज्य में 9 लाख से ज्यादा महिलाओं के लखपति दीदी बनने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई.

गांवों में आजीविका गतिविधियों को मिलेगा सहारा

ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले विलेज ऑर्गेनाइजेशन को भी आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया है. प्रत्येक विलेज ऑर्गेनाइजेशन को करीब 1.50 लाख रुपये दिए जाने की योजना है. इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका और ग्रामीण गतिविधियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

असम के जैविक कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए एपीडा और नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है. किसानों को उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक सहायता उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा. बैठक में मसाला उत्पादन, जैव विविधता और राज्य के फॉक्सटेल ऑर्किड को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई.

केंद्र ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित असम में लोगों की सहायता के लिए केंद्र सरकार संसाधनों की कमी नहीं होने देगी. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने भी बाढ़ प्रभावित किसानों, ग्रामीण परिवारों और गरीबों के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया. बैठक में दोनों पक्षों ने राज्य में कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई.

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