चावल एक्सपोर्टर्स ने केंद्र से मांगी मददचीन की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स (GACC) ने कई महीनों से कुछ भारतीय चावल खेपों में आनुवंशिक रूप से संशोधित (GMO) चावल की मौजूदगी मिलने का दावा करते हुए सात भारतीय चावल निर्यात कंपनियों के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किए हुए हैं. अब राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ (TREACG) ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. TREACG ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से चीन के संबंधित अधिकारियों के साथ यह मुद्दा उठाने की अपील की है. एसोसिएशन ने जल्द संयुक्त तकनीकी समीक्षा कराने और उचित तकनीकी जांच के बाद प्रभावित सात भारतीय कंपनियों के GACC रजिस्ट्रेशन बहाल कराने की मांग की है.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, एसोसिएशन ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेजल कमेटी (GEAC) पहले ही साफ कर चुके हैं कि भारत में GM चावल की व्यावसायिक खेती की अनुमति नहीं है. TREACG के मुताबिक, संबंधित निर्यात खेपों को भारत से भेजे जाने से पहले निर्धारित गैर-GMO जांच और प्रमाणन प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा था.
TREACG ने कहा कि भारत में निर्यात से पहले गैर-GMO जांच और सर्टिफिकेशन होने के बावजूद चीन में अलग नतीजे सामने आना एक महत्वपूर्ण तकनीकी मुद्दा है. एसोसिएशन के अनुसार, इस मामले में दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों के बीच वैज्ञानिक, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित बातचीत होनी चाहिए.
एसोसिएशन ने संयुक्त वैज्ञानिक और तकनीकी समीक्षा में नमूने लेने की प्रक्रिया, GMO जांच के तरीके, लैबोरेटरी प्रोटोकॉल और लागू मानकों को शामिल करने का सुझाव दिया है. TREACG ने कहा कि इससे अलग-अलग जांच नतीजों के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए दोनों देशों के बीच स्वीकार्य व्यवस्था बनाने में मदद मिल सकती है.
TREACG के अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि इस मामले का जल्द, सकारात्मक और आपसी सहमति से समाधान भारत-चीन चावल व्यापार में भरोसा और निरंतरता बनाए रखने के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि इससे भारत के कृषि निर्यात हितों की रक्षा होगी और खासकर MSME निर्यातकों को होने वाली वित्तीय और कारोबारी परेशानियों से बचाने में मदद मिलेगी.
मार्च में चीन ने तीन भारतीय निर्यातकों से आई चावल की तीन खेपें यह कहते हुए खारिज की थीं कि उनमें GMO के अंश मिले हैं. इसके बाद संबंधित कंपनियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए. इसी आधार पर चार और कंपनियों के नाम उन निर्यातकों की सूची में जोड़े गए, जिनके लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today