कावेरी जल संकट के बीच CM शिवकुमार का बड़ा ऐलान, बोले- किसानों की आजीविका से समझौता नहीं

कावेरी जल संकट के बीच CM शिवकुमार का बड़ा ऐलान, बोले- किसानों की आजीविका से समझौता नहीं

कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद एक बार फिर गरमा गया है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार के सामने तमिलनाडु को पानी छोड़ने के आदेश का पालन करने और अपने किसानों की खेती और आजीविका बचाने की दोहरी चुनौती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पानी छोड़ने को लेकर कोई भी फैसला किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.

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कावेरी जल संकट के बीच CM शिवकुमार का बड़ा ऐलान, बोले- किसानों की आजीविका से समझौता नहींमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कावेरी नदी के पानी को लेकर राज्य के सामने खड़ी चुनौती पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार के सामने एक तरफ तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश का पालन करने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ कर्नाटक के किसानों की खेती और आजीविका को बचाना भी जरूरी है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पानी छोड़ने को लेकर कोई भी फैसला किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.

कोडागु जिले के भागमंडल में मंदिर के दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में डी.के. शिवकुमार ने कहा कि अभी राज्य के बांध पूरी तरह नहीं भरे हैं. ऐसे में सरकार के सामने पानी को लेकर काफी चुनौतीपूर्ण स्थिति है. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को पीने के लिए और किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए.

किसानों की फसल बचाना प्राथमिकता

सीएम डी.के. शिवकुमार ने कहा कि बांधों में पानी की उपलब्धता के आधार पर किसानों की फसलों के लिए पानी छोड़ा जाएगा.  उन्होंने अच्छी बारिश की उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर बारिश अच्छी होती है तो बांधों में पानी की स्थिति बेहतर होगी और किसानों को भी राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों की आजीविका को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं करेगी. उन्होंने बारिश के लिए प्रार्थना करने की भी अपील की, ताकि राज्य में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके और खेती और खरीफ की फसलें प्रभावित न हो.

12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश

दरअसल, कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने कर्नाटक को 12 अगस्त से अगले 15 दिनों तक हर दिन 12,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ने का निर्देश दिया था.  इसके बाद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने भी इस फैसले को बरकरार रखा. कर्नाटक सरकार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है. सरकार का कहना है कि पानी की उपलब्धता और राज्य के किसानों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए.

मेकेदातु परियोजना पर भी बोले शिवकुमार

मुख्यमंत्री ने मेकेदातु परियोजना को लेकर भी कर्नाटक के हितों की रक्षा करने की बात कही. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से तमिलनाडु को मिलने वाले उसके तय 177.25 TMC पानी के हिस्से पर कोई असर नहीं पड़ेगा. मेकेदातु कर्नाटक की प्रस्तावित बहुउद्देशीय परियोजना है. इसमें पेयजल की जरूरत पूरी करने के साथ बिजली उत्पादन के लिए एक जलाशय बनाने की योजना है.  यह परियोजना कनकपुरा के पास प्रस्तावित है. तमिलनाडु इसका विरोध करता रहा है. इसके अलावा CM शिवकुमार ने कहा कि कावेरी जल विवाद में सामान्य परिस्थितियों के अलावा संकट के समय पानी के बंटवारे के लिए अलग व्यवस्था होती है. उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आजीविका बचाने के साथ-साथ कानून का पालन भी करना है. (PTI)

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