खेतों में हाथियों का आतंकहिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड गांवों के आसपास घूम रहा है और खेतों, ट्यूबवेल और घरों को नुकसान पहुंचा रहा है. हाथियों के गांवों में आने से किसान और ग्रामीण डरे हुए हैं. लोगों को डर है कि अगर हाथियों का झुंड इसी तरह घरों के पास आता रहा तो किसी बड़े हादसे की स्थिति बन सकती है.
बहराल गांव में हाथियों ने एक घर की चारदीवारी तोड़ दी. इसके बाद हाथियों ने घर के आसपास के हिस्से में भी काफी नुकसान किया. गनीमत रही कि जिस समय हाथियों का झुंड वहां पहुंचा, उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था. इससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया. घटना के बाद गांव के लोगों में डर और बढ़ गया है.
हाथियों ने सिर्फ घरों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि किसानों की खेती से जुड़ी चीजों को भी बर्बाद कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले बहराल क्षेत्र में किसान महिमा सिंह के ट्यूबवेल को हाथियों ने तोड़ दिया. इससे किसान को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि खेती के लिए ट्यूबवेल बेहद जरूरी होता है और इसके टूटने से उन्हें आगे भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
हाथियों के झुंड ने सतीवाला गांव में भी किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. यहां किसान नीतू राम के खेत में घुसकर हाथियों ने धान की फसल को बुरी तरह रौंद दिया. इसके साथ ही खेत में लगे चेरी और केले के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया. किसानों के लिए यह नुकसान बड़ा है, क्योंकि फसल और पेड़ तैयार करने में काफी समय और पैसा लगता है.
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में हाथियों की आवाजाही नई नहीं है, लेकिन अब स्थिति ज्यादा चिंताजनक होती जा रही है. कुछ दिन पहले सतीवाला गांव के किसानों सोनू राम और ठग्गा राम की गायों को भी हाथियों ने मार दिया था. अब हाथियों का झुंड गांव के घरों के आसपास तक पहुंचने लगा है. इससे लोगों को अपने परिवार और पशुओं की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
हाथियों के डर से गांवों में रहने वाले किसान परेशान हैं. खेतों में खड़ी फसल की रखवाली करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर हाथियों का झुंड इसी तरह गांवों में आता रहा तो फसल और संपत्ति के साथ-साथ इंसानों की जान को भी खतरा हो सकता है. इसलिए वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है.
भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग ने वन विभाग से इस मामले में तुरंत कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि हाथियों को गांवों में आने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए. किसानों और ग्रामीणों को डर के माहौल में नहीं रहना चाहिए. वन विभाग को ऐसी व्यवस्था करनी होगी जिससे हाथियों का झुंड आबादी वाले इलाकों से दूर रहे.
किसान नेता ने हाथियों से हुए नुकसान का भी मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि जिन किसानों की फसल, ट्यूबवेल, पेड़, घर या पशुओं को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए. किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती पर पैसा और मेहनत लगाई थी, लेकिन हाथियों के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
जसविंदर सिंह बिलिंग ने चेतावनी दी है कि अगर हाथियों को गांवों में आने से रोकने के लिए जल्द कदम नहीं उठाए गए और प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिला, तो किसान वन विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे. किसानों का कहना है कि वे अपनी फसल, घर और पशुओं की सुरक्षा को लेकर अब और इंतजार नहीं कर सकते. ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग जल्द से जल्द हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान करे.
ये भी पढ़ें:
फोन की घंटियां बजते ही खिल उठे किसानों के चेहरे, खातों में पहुंचे 1000 रुपये
Animal Care: बरसात में पशुओं को मीठा सोडा खिला रहे हैं तो जरूर अपनाएं ये उपाय
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today