चाय नीलामी (सांकेतिक तस्वीर)कुन्नूर चाय नीलामी में इस बार एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है. अलग-अलग कैटेगरी में कीमतों में कमजोरी के बावजूद बिक्री प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कारोबारियों ने कहा कि वित्त वर्ष के अंत से पहले किए गए बिजनेस कमिटमेंट्स के चलते घरेलू खरीदारों और ब्लेंडर्स ने सक्रियता दिखाई, जिससे बिक्री को सहारा मिला. नीलामी से जुड़े जानकारों ने कहा कि उत्पादन क्षेत्रों में बारिश होने के बावजूद बाजार में चाय की आवक उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं है. यही वजह है कि सप्लाई कमजोर रहने के बीच खरीदारों की सक्रियता ने बिक्री प्रतिशत को ऊपर बनाए रखा.
ग्लोबल टी ऑक्शनियर्स के आंकड़ों के अनुसार, लीफ कैटेगरी में कुल 10,07,821 किलोग्राम चाय ऑफर की गई, जिसमें से करीब 88 प्रतिशत की बिक्री हुई. वहीं डस्ट कैटेगरी में 3,31,236 किलोग्राम चाय आई, जिसमें 82 प्रतिशत बिक्री दर्ज की गई.
कीमतों की बात करें तो CTC लीफ चाय में ऊंची क्वालिटी और बेहतर लिकर वाली किस्मों के दाम 3 से 4 रुपये तक नीचे आए. कुछ बेहतर लॉट्स में मामूली 2 से 3 रुपये की बढ़त भी देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर रुझान कमजोर ही रहा. मीडियम और साधारण क्वालिटी की चाय में 1 से 3 रुपये तक की गिरावट रही, जबकि कई लॉट्स में मांग कम होने के कारण माल वापस भी लेना पड़ा.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, होल लीफ ग्रेड्स में भी दबाव बना रहा और इनके दाम सामान्य रूप से 4 से 5 रुपये तक नीचे गए. ब्रोकन ग्रेड्स में मांग कमजोर रही, जिससे 3 से 4 रुपये तक की गिरावट देखने को मिली. CTC डस्ट चाय में भी बेहतर क्वालिटी के दाम 3 से 4 रुपये तक टूटे, जबकि ऑर्थोडॉक्स डस्ट ग्रेड्स में गिरावट और ज्यादा, करीब 5 से 6 रुपये तक दर्ज की गई. सेकेंडरी और फाइन डस्ट में हालांकि पिछले स्तर के आसपास स्थिरता बनी रही.
दूसरी ओर, दक्षिण भारत में चाय की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए गोल्डन लीफ इंडिया अवॉर्ड्स और स्पेशल्टी टी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग चाय उत्पादक क्षेत्रों की बेहतरीन क्वालिटी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है. इस प्रतियोगिता में इस बार कुल 161 एंट्री Golden Leaf India Awards के लिए और 61 एंट्री Specialty Tea Competition (STC) के लिए मिली हैं. इनमें विभिन्न राज्यों और एग्रो-क्लाइमेटिक क्षेत्रों की चाय शामिल है.
शुरुआती चरण में चयनित चाय के सैंपल अब लैब में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के आधार पर जांचे जाएंगे. आयोजकों ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल उत्पादकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाती हैं, बल्कि बेहतर गुणवत्ता वाली चाय के उत्पादन को भी प्रोत्साहित करती हैं. साथ ही, चुनी गई प्रीमियम चाय को विशेष नीलामी प्लेटफॉर्म के जरिए बाजार में पेश करने का मौका भी मिलेगा, जिससे उत्पादकों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद रहती है.
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