बिजली सप्लाई की समस्या बताते हुए किसानउत्तर प्रदेश के बांदा में बिजली संकट से किसान परेशान हैं. बबेरू तहसील क्षेत्र के घोसड़ और आसपास के कई गांवों में पिछले करीब तीन महीने से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है. किसानों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है और फसलों को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों के मुताबिक, पहले भी बिजली की आपूर्ति बेहद कम थी और मुश्किल से करीब तीन घंटे बिजली मिलती थी, लेकिन अब इतनी सप्लाई भी बंद हो गई है. इससे गांवों में अंधेरा छाया हुआ है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या के कारण घरों से लेकर खेतों तक जनजीवन प्रभावित है.
समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज किसान सोमवार को अपने परिवार और बच्चों के साथ बिजली घर पहुंच गए. कुछ किसान ट्रैक्टर और दूसरे वाहनों से भी बिजली घर पहुंचे. किसानों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की.
किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए लाइनमैन पैसे मांगता है. ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोगों से हजारों रुपये लिए भी गए हैं. किसानों ने इस पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि गांव में बिजली नहीं है, ऐसे में पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा है. छात्रा ने कहा कि वह स्कूल में जितना पढ़ाया जाता है, उतना ही पढ़ पाती है और बिजली की मांग को लेकर यहां आई है. छात्रा की बात सुनकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए.
किसानों ने बिजली घर परिसर में शराब की बोतलें पड़ी होने का भी आरोप लगाया. इसे लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की. किसानों ने कहा कि बिजली विभाग की व्यवस्था में लापरवाही के कारण उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है.
मामले पर जूनियर इंजीनियर शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि उन्हें शिकायत की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए और पैसा भी नहीं लिया जाना चाहिए. जेई ने कहा कि उन्हें लिखित शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी.
किसानों ने अधिकारियों से जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today