Potato Rate: कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने नहीं आ रहे किसान, रखें हैं 50 किलो वाले 30 करोड़ बैग

Potato Rate: कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने नहीं आ रहे किसान, रखें हैं 50 किलो वाले 30 करोड़ बैग

Potato Rate सब्जियों का राजा आलू एक बार फिर बेहाल दिखाई दे रहा है. आलू को लेकर कई बड़ी और बुरी खबर आ रही हैं. एकदम से आलू के दाम गिर गए हैं. दाम न मिलने की वजह से किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालना ही बंद कर दिया है. नतीजा ये हुआ कि कोल्ड में रखे 30 करोड़ बैग निकासी के इंतजार में हैं. 

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Potato Rate: कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने नहीं आ रहे किसान, रखें हैं 50 किलो वाले 30 करोड़ बैगआलू के भाव में नरमी बरकरार (फाइल फोटो)

बीते साल आलू किसानों का आधा सीजन मंदी में गया था. लेकिन इस बार तो मानों आफत ही टूट पड़ी है. हालात ये हो गए हैं कि किसान कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने नहीं आ रहे हैं. जबकि एक आंकड़े के मुताबिक अभी भी यूपी के कोल्ड स्टोरेज में आलू से भरे 30 करोड़ पैकेट रखे हैं. एक पैकेट में 50 किलो आलू हैं. इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. सपा ने इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाना शुरू कर दिया है. वहीं सीएम योगी ने आलू किसानों को राहत के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं.

अब अगर कोल्ड से आलू नहीं निकालने के पीछे की वजह पर जाएं तो वो कम दाम का मामला है. थोक में आलू के दाम 2 से 5 रुपये किलो पर आ गए हैं. जबकि राजधानी दिल्ली में आम ग्राहकों को अभी भी एक किलो आलू के लिए 20 से 25 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. 50 किलो आलू का एक बैग 100 रुपये का जा रहा है. जबकि 140 रुपये प्रति बैग तो कोल्ड स्टोरेज का किराया ही हो जाता है. 

किराया 140 रुपये और राहत मिली 50 की

यूपी के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि सरकार ने आलू किसानों को राहत देने के लिए पिछले वर्षाकालीन सत्र में भंडारण शुल्क में एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से छूट देने का निर्णय लिया है. यह रकम डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी. इसके लिए एक हजार करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है.

आलू की बदहाली को देखते हुए यूपी सरकार ने किसानों को ये राहत दी है. ये राहत किसानों को कोल्ड स्टोरेज के भारी-भरकम भाड़े से राहत दिलाने के लिए दी गई है. जानकारों की मानें तो 50 किलो वजन वाले आलू के एक बैग का भाड़ा 140 रुपये है. अब सरकार ने जो राहत दी है उस हिसाब से प्रति बैग 50 रुपये हिस्से में आ रहे हैं. एक मोटे अनुमान के तहत यूपी के कोल्ड स्टोरेज में अभी भी करीब 30 करोड़ बैग रखे हुए हैं. इस हिसाब से 15 सौ करोड़ रुपये होते हैं, लेकिन सरकार ने राहत के तौर पर एक हजार करोड़ रुपये ही दिए हैं. 

30 नवंबर को खाली करने होंगे कोल्ड

आलू उत्पादक किसान समिति आगरा मंडल के अध्यक्ष आमिर चौधरी ने किसान तक को बताया कि इस बार आलू का बंपर उत्पादन हुआ था. लगभग ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज आलू से भर गए थे. लेकिन कोल्ड में रखा गया आलू हर हाल में 30 नवंबर तक निकालना होगा. पहले 31 अक्टूबर तक का वक्त मिलता था, लेकिन बीते कुछ साल से इसे बढ़ा दिया गया है. ऐसे में 15 दिन अगस्त में बचे हैं और इसके अलावा सितम्बर से लेकर नवंबर तक तीन महीने बचे हैं.

ऐसे में यूपी में जो 30 करोड़ बैग आलू रखा है उसे हर हाल में 30 नवंबर तक उठाना होगा. इस दौरान अगस्त के आखि‍र से बाजार में नया आलू आना शुरू हो जाएगा. ऐसे में कोल्ड में रखा आलू निकालना मुश्किल हो जाएगा. पूरे यूपी में 39 करोड़ पैकेट आलू के रखे गए थे. इसमे से मुश्किल से 25 फीसद पैकेट ही अब तक निकले हैं. 

100 से 400 रुपये बैग बिक रहा आलू 

पूर्व पत्रकार और कारोबारी गिरधारी लाल गोयल ने किसान तक को बताया कि बाजार में आलू का एक बैग 100 से 500 रुपये किलो तक बिक रहा है. आलू का जो बैग 500 रुपये का बिक रहा है वो चिप्सोना वैराइटी का आलू है. ये चिप्स बनाने के काम आता है. वहीं हाइब्रि‍ड आलू का बैग 100 से 200 और 250 रुपये का बिक रहा है. दूसरी ओर कई जगह तो ऐसे हालात हैं कि जो कोल्ड स्टोरेज के मालिक हैं वो किसानों के आलू को अपना भाड़ा निकालने के लिए 140 से 150 रुपये प्रति बैग के हिसाब से बेच रहे हैं. 

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