केरल में बाढ़ से किसानों को 129 करोड़ का नुकसान, सरकार देगी मुआवजा और कर्ज में राहत

केरल में बाढ़ से किसानों को 129 करोड़ का नुकसान, सरकार देगी मुआवजा और कर्ज में राहत

केरल में हालिया बाढ़ से किसानों को करीब 129 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के साथ-साथ कर्ज में राहत और दोबारा फसल लगाने के लिए बीज, उपकरण और मजदूर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है.

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केरल में बाढ़ से किसानों को 129 करोड़ का नुकसान, सरकार देगी मुआवजा और कर्ज में राहतबाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद

केरल में आई हालिया बाढ़ ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने बताया कि बाढ़ से किसानों को करीब 129 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए जरूरी कदम उठा रही है.  इसके साथ ही पिछले 4-5 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान का करीब 90 करोड़ रुपये का मुआवजा भी बाकी है. सरकार इस बकाया राशि का भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से करने की तैयारी कर रही है.

129 करोड़ रुपये के नुकसान का मुआवजा

कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि मौजूदा सरकार बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए काम कर रही है. बाढ़ के कारण फसलों को हुए करीब 129 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है. इसके आधार पर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. कृषि मंत्री के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान का करीब 90 करोड़ रुपये का मुआवजा भी किसानों को नहीं मिल पाया है. उन्होंने कहा कि सरकार इस राशि का भुगतान एक साथ करने के बजाय किश्तों में करने की दिशा में काम करेगी.

किसानों के कर्ज पर राहत देने की तैयारी

बाढ़ से फसल खराब होने के बाद कई किसान कर्ज के बोझ में आ गए हैं. इसे देखते हुए सरकार किसानों को बैंक कर्ज में राहत दिलाने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है. तिरुवनंतपुरम में हुई एक बैठक में सहकारिता मंत्री एम. लिजू, RBI, NABARD और अलग-अलग बैंकों के प्रतिनिधियों ने बाढ़ प्रभावित किसानों की आर्थिक स्थिति पर चर्चा की. बैठक में कर्ज की किस्त चुकाने पर कुछ समय की रोक (मोरेटोरियम), कर्ज की अवधि बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर कर्ज का पुनर्गठन करने जैसे विकल्पों पर बात हुई. कृषि मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा की जाएगी. इसके बाद बाढ़ से प्रभावित और कर्ज के बोझ में दबे किसानों के लिए जरूरी राहत उपायों पर फैसला लिया जाएगा.

दोबारा रोपाई के लिए बीज और मजदूर मिलेंगे

बाढ़ के बाद खेतों में फसल दोबारा लगाने की चुनौती भी किसानों के सामने है. ऐसे में कृषि विभाग इसके लिए फसल नुकसान और दोबारा रोपाई को लेकर विशेष अभियान चलाने जा रहा है. पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा और कोट्टायम जैसे जिलों में मजदूरों की कमी को देखते हुए सरकार दोबारा रोपाई के लिए जरुरत के हिसाब से मजदूर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगी. इसके अलावा किसानों को बीज, कृषि उपकरण और दूसरी जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराने की योजना है. इससे बाढ़ में खराब हुई फसलों को जल्द से जल्द दोबारा लगाने में किसानों को मदद मिलेगी और अगली फसल के लिए खेत तैयार किए जा सकेंगे.

दिसंबर से शुरू हो सकता है काम

कृषि मंत्री के अनुसार, भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां गठित करने पर विचार किया जा रहा है. इन समितियों के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन किया जाएगा और दिसंबर से अलग-अलग काम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है. सरकार का उद्देश्य केवल बाढ़ के बाद किसानों को मुआवजा देना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं से खेती और किसानों को कम नुकसान हो.

आपदा घोषित होने पर बैंकों को भी राहत के निर्देश

कृषि मंत्री ने बताया कि जब केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) किसी बाढ़ प्रभावित गांव या पंचायत को राज्य या जिला स्तर की आपदा घोषित करेगा, तो RBI समेत संबंधित बैंकों को किसानों की आर्थिक मदद के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे. इससे बाढ़ प्रभावित किसानों को कर्ज चुकाने में राहत मिलने और आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. सरकार की कोशिश है कि मुआवजा, कर्ज राहत, दोबारा खेती और भविष्य में बाढ़ से बचाव- इन सभी मोर्चों पर किसानों को सहायता दी जाए. (PTI)

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