UP में बाढ़ प्रभावित किसानों को आसानी से मिलेगी खाद, एक्टिव हुआ कंट्रोल रूम

UP में बाढ़ प्रभावित किसानों को आसानी से मिलेगी खाद, एक्टिव हुआ कंट्रोल रूम

Fertilizer Distribution: प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सीडीओ को प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा अनधिकृत टैगिंग से संबंधित शिकायत किसी भी स्थिति में प्राप्त नहीं होनी चाहिए.

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UP में बाढ़ प्रभावित किसानों को आसानी से मिलेगी खाद, एक्टिव हुआ कंट्रोल रूमखरीफ सीजन में खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर फोकस

योगी सरकार की किसान-केंद्रित व्यवस्था के तहत खाद की उपलब्धता पर जिला स्तर तक निगरानी बनाए रखने के साथ ही किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है. किसानों की सुविधा के लिए सहकारिता विभाग ने नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा है. दस्तावेज में दिए गए नंबरों के अनुसार 0522-2289887 पर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक तथा 1800-180-5551 पर संपर्क किया जा सकता है. मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग में खरीफ-2026 में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा बैठक में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कम अथवा शून्य स्टॉक वाली समितियों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए है. 

प्रदेश में 5.02 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध

समीक्षा के अनुसार 12 अगस्त तक प्रदेश में यूरिया की उपलब्धता 5.02 लाख मीट्रिक टन और फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता 4.04 लाख एलएमटी दर्ज की गई. वहीं, खरीफ 2026 में अब तक 10.83 लाख एलएमटी उर्वरक का क्रमिक वितरण किया जा चुका है. पिछले खरीफ सत्र की तुलना में यूरिया के क्रमिक वितरण में 2.73 लाख एलएमटी तथा फास्फेटिक उर्वरक में 1.70 लाख एलएमटी स्टॉक में उपलब्ध है.

हर जनपद में नोडल अधिकारी नामित

बैठक में मुख्य सचिव गोयल ने निर्देश दिए कि सभी समितियों एवं वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए. शून्य एवं अल्प स्टॉक वाली समितियों की विशेष समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार तत्काल आपूर्ति किया जाए. जबकि प्रत्येक जनपद में एडीएम अथवा सीडीओ स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किरना होगा. वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी समिति से संबद्ध करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.

उर्वरक की ओवररेटिंग पर कार्रवाई के निर्देश

प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सीडीओ को प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा अनधिकृत टैगिंग से संबंधित शिकायत किसी भी स्थिति में प्राप्त नहीं होनी चाहिए. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को खाद के लिए परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी वैकल्पिक समितियों से जोड़ने की व्यवस्था भी करने को कहा गया है. उधर, जनपदों में उर्वरक के परिवहन के लिए पर्याप्त ट्रकों की उपलब्धता भी कराई गई है.

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