पंजाब के कई जिलों में गेहूं पर सुंडी का अटैक, कृषि विभाग ने इन दवाओं के छिड़काव की दी सलाह

पंजाब के कई जिलों में गेहूं पर सुंडी का अटैक, कृषि विभाग ने इन दवाओं के छिड़काव की दी सलाह

पंजाब में धान फसल का कीट सुंडी अब गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों के लिए सिरदर्द बन गया है. कई जिलों में सुंडी का प्रकोप देखने को मिल रहा है. कृषि विभाग ने इससे बचाव के लिए गेहूं किसानों को दवाओं का सही तरीके से इस्‍तेमाल करने की सलाह दी है.

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पंजाब के कई जिलों में गेहूं पर सुंडी का अटैक, कृषि विभाग ने इन दवाओं के छिड़काव की दी सलाहगेहूं की खेती. (फाइल फोटो)

पंजाब के कई जिलों में गेहूं की फसलों पर इन दिनों गुलाबी सुंडी का प्रकोप देखने को मिल रहा है. इस प्रकार की घटना फरीदकोट जिले में ज्‍यादा देखने को मिल रही हैं. सुंडी धान फसल पर हमला करने वाला कीट है. लेकिन, अब ये गेहूं फसल पर भी कहर बरपा रहा है. किसानों का कहना है कि उन्‍होंने प्रसाशन और कृषि विभाग के कहे अनुसार धान की  पराली नहीं जलाई और खेत में ही प्रबंधन कर गेहूं की बुवाई की थी. ले‍किन पराली के अवशेष में गुलाबी सुंडी के अंडे मौजूद होने के कारण अब कीट का रूप लेकर गेहूं की फसल पर हमला कर दिया है.

फसल पर अपने हिसाब से दवाओं का छिड़काव आदि उपाय करके भी किसान फसल को सुंडी से नहीं बचा पा रहे हैं. इसलिए कई किसान फसल को ही नष्‍ट कर रहे हैं. ऐसे में आज हम आपको कृषि विभाग की सलाह के आधार पर फसल की सुरक्षा के उपाय बता रहे हैं. 

इन दवाओं का घोल बनाकर छिड़काव करें

1. गुलाबी सुंडी का प्रकोप दिखने पर 400 मिली. इकालक्स 25 ईसी का 150 लीटर पानी में घोल तैयार कर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें. इस घोल को सूरज ढलने के बाद छिड़कने पर अच्छा रिजल्ट सामने आता है. 

2. बता दें कि तापमान घटने से सुंडी की ग्रोथ कम हो जाती है. ऐसे में इसकी रोकथाम आसान हो जाती है. सुंडी का तने पर हमला देखने को मिले तो 150 लीटर पानी में 800 मिली. इकालक्स 25 ई सी (क्विनलफॉस) का घोल तैयार करें और प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें. 

3. अगर सुंडी का हमला कुछ-कुछ जगहों पर दिखाई पड़े तो प्रति लीटर पानी में इकालक्स 25 ई सी(क्विनलफॉस) का 8 मिली. के हिसाब से घोल तैयार करें और छिड़काव करें.

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सुंडी अटैक का ये है उपाय

इसी प्रकार धान का कीट सफेद सुंडी भी सीधी बिजाई किए जाने पर गेहूं की फसल पर हमला कर देती है. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी रोकथाम के लिए पहला पानी देने के साथ ही पानी में 500 मिलीग्राम क्लोरो या मोनो क्रोटोफास कीटनाशक दवा का घोल तैयार कर फसल पर छिड़काव करें. 

इन बातों का रखें ध्‍यान

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे लगातार खेत की देखरेख करें और कीट का प्रकोप दिखने पर कीटनाशक आद‍ि का उच‍ित छिड़काव करें. गुलाबी सुंडी गेहूं के अलावा मक्‍का फसल पर भी हमला करती है. ऐसे में जिन किसानों ने रबी सीजन में मक्‍का की बुवाई की है. वे भी इससे सचेत रहें. सुंडी 40 से 50 दिन पुरानी गेहूं की फसल पर हमला करती है. सुंडी पौधों के तनों छेदकर घुस जाती है और अंदर से इसे खाने लगती है. इसके हमले के कारण पौधा पीला पड़कर आखिरी में मर जाता है. 

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