बंपर उपज के लिए खेतों में उगाएं ये 7 हरी खाद, सस्ते में यहां ऑनलाइन मिलेगा बीज

बंपर उपज के लिए खेतों में उगाएं ये 7 हरी खाद, सस्ते में यहां ऑनलाइन मिलेगा बीज

किसान महंगे रासायनिक और जैविक खाद खरीदने की जगह अपने खेत में हरी खाद लगा सकते हैं. इससे किसानों की बंपर उपज होती  है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं.

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बंपर उपज के लिए खेतों में उगाएं ये 7 हरी खाद, सस्ते में यहां ऑनलाइन मिलेगा बीजखेतों में उगाएं हरी खाद

मौजूदा समय में किसान तेजी से केमिकल फ्री खेती कर रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने जैविक खेती की तरफ अपना रुख किया है. आज किसान अपने खेतों में फसलों के अच्छे विकास के लिए जैविक खाद और उर्वरक का इस्तेमाल करते हैं. ऐसी ही एक जैविक खाद है हरी खाद (Green Manure) जिसमें किसान विशेष तरह की फसलें उगाते हैं जैसे, ढैंचा, मूंग आदि. बता दें कि इन फसलों को उगाकर खेत में ही इनकी जुताई करके मिट्टी में मिला दिया जाता है. इस खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है. ऐसे में अगर आप भी अपनी खेतों की मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाना चाहते हैं और हरी खाद का बीज खरीदना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी से आसानी से ऑनलाइन बीज मंगवा सकते हैं.

यहां से खरीदें हरी खाद के किट

किसान महंगे रासायनिक और जैविक खाद खरीदने की जगह अपने खेत में हरी खाद लगा सकते हैं. इससे किसानों की बंपर उपज होती है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन हरी खाद के बीज के किट बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं.

किट में ये 7 फसलें हैं शामिल

राष्ट्रीय बीज निगम के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हरी खाद की बीज किट में ढैंचा, ग्वार, सरसों, उड़द, भिंडी, मेथी और गेंदा शामिल हैं. इसके अलावा हरी खाद के इस्तेमाल के लिए उचित दलहनी फसलों का चुनाव भी कर सकते हैं. अच्छी क्वालिटी के उत्पादन और टिकाऊ खेती के लिए जरूरी है कि किसान अपने खेतों में हरी खाद का इस्तेमाल करें.

हरी खाद के किट की कीमत

अगर आप भी हरी खाद का किट खरीद कर उसकी खेती करना चाहते हैं तो 3 किलो 800 ग्राम के पैकेट का बीज फिलहाल 833 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से हरी खाद की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.

हरी खाद के क्या हैं फायदे

जैविक खेती में हरी खाद का इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है. हरी खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की बनावट और पानी को रोकने की क्षमता बढ़ती है, साथ ही मिट्टी का कटाव भी रोकता है. हरी खाद फसलों को जैविक नाइट्रोजन उपलब्ध कराता है जो कि पौधों के लिए बेहद ही जरूरी पोषक तत्व होता है. इस खाद के इस्तेमाल से मिट्टी में जैविक गतिविधियां बढ़ने लगती है जिसके कारण रोग और कीटों के संक्रमण का खतरा भी कम होता है और इसके साथ ही खरपतवारों को भी नियंत्रित किया जा सकता है.

हरी खाद की कैसे करें खेती

हरी खाद की खेती के लिए ढेंचा, ग्वार जैसी फसलें उगाई जाती हैं, क्योंकि ये तेजी से बढ़ती हैं और नाइट्रोजन स्थिरीकरण करती हैं. वहीं, इसकी बुवाई का समय रबी फसल कटने के बाद, खरीफ फसल से पहले सबसे अच्छा माना जाता है, जब खेत खाली होते हैं. इसके लिए खेत की एक बार जुताई करें और खेत को समतल कर लें. फिर बीजों को सामान्य तरीके से छिटक कर या पंक्तियों में बोया जा सकता है. ढेंचा के लिए प्रति एकड़ लगभग 20-25 किलो बीज पर्याप्त होता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

1. हरी खाद क्या होती है और इसका क्या फायदा है?
हरी खाद ऐसी फसलें होती हैं जिन्हें खेत में उगा कर मिट्टी में मिला दिया जाता है. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पैदावार में सुधार होता है.

2. हरी खाद से फसलों की उपज कितनी बढ़ सकती है?
हरी खाद अपनाने से 15–25 फीसदी तक उपज बढ़ सकती है और रासायनिक खाद की जरूरत कम होती है.

3. हरी खाद को खेत में कब मिलाना चाहिए?
फूल आने से पहले 40–45 दिन की अवस्था में हरी खाद को जुताई करके मिट्टी में मिला देना चाहिए.

4. ऑनलाइन बीज किट सस्ते में कहां मिल सकती है?
हरी खाद की बीज किट कृषि विभाग, राज्य बीज निगम और विश्वसनीय ऑनलाइन कृषि पोर्टल पर सस्ते दामों में उपलब्ध होती है.

5. क्या छोटे किसान भी हरी खाद की खेती कर सकते हैं?
बिल्कुल, हरी खाद कम लागत वाली तकनीक है, जिसे छोटे और सीमांत किसान आसानी से अपना सकते हैं. 

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