
अजवाइन की खेतीअजवाइन एक ऐसी व्यापारिक फसल है, जिसकी खेती करके किसान काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अजवाइन का प्रयोग हमारी रसोई में खाने की वस्तुओं में मसाले के रूप में होता है. वहीं इसका औषधीय में भी महत्व माना जाता है. वहीं, इसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है. ऐसे में किसानों के लिए अजवाइन की खेती फायदे का सौदा साबित हो सकती हैं. अगर आप भी अजवाइन की खेती करना चाहते हैं और उसका बीज मंगवाना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई जानकारी की सहायता से फोर्डहुक एम्परर वैरायटी के बीज ऑनलाइन अपने घर मंगवा सकते हैं.
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा औषधीय और नकली फसलों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन अजवाइन की फोर्डहुक एम्परर किस्म का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं.
फोर्डहुक एम्परर अजवाइन की एक प्रमुख और उन्नत किस्म है, यह किस्म अपनी शानदार क्वालिटी और सुगंधित पत्तियों के लिए जानी जाती है. यह एक देर से पकने वालीवैरायटी है, जिसके पौधे मजबूत और सीधे होते हैं. इस किस्म के तने छोटे, ठोस और सफेद-हरे रंग के होते हैं. इसका स्वाद हल्का कड़वा और तीखा होता है, जो सलाद, सूप और सैंडविच के लिए बेहतरीन माना जाता है. ये किस्म बोने के बाद लगभग 85-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. इसकी पैदावार अन्य किस्मों की तुलना में काफी अच्छी होती है. ये किस्म पत्तियों पर लगने वाले रोगों के प्रति प्रतिरोधी है.

अगर आप भी अजवाइन की खेती करना चाहते हैं तो फोर्डहुक एम्परर किस्म के 5 ग्राम के पैकेट का बीज फिलहाल 40 फीसदी छूट के साथ 30 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट से खरीद सकते हैं. इसे खरीद कर आप आसानी से अजवाइन की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
इसकी खेती रबी सीज़न में की जाती है. भारत में इसकी खेती महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, बिहार, आंध्रप्रदेश तथा राजस्थान के कुछ हिसों में ही की जाती है. अजवाइन सर्दियों में उगने वाला पौधा है. अधिक गर्मी के कारण इसका विकास रुक सकता है. इसमें सिंचाई की कम आवश्यकता होती है. वहीं, खेती के लिए सबसे पहले मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई करें, उसके बाद बुवाई से पहले 1 गहरी जुताई कर लें. फिर अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर या कम्पोस्ट 10 से 15 टन प्रति हेक्टेयर की दर से खेतों में मिला दें. इसके बाद बीज की बुवाई करें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. अजवाइन की खेती के लिए कैसी मिट्टी चाहिए?
अजवाइन के लिए दोमट से बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है. वहीं, खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था होना जरूरी है.
2. अजवाइन की बुवाई कैसे की जाती है?
अजवाइन की बुवाई बीज ड्रिल या छिड़काव विधि से की जा सकती है, कतार से कतार की दूरी 30 सेमी रखें.
3. इस किस्म में रोगों का खतरा कितना होता है?
यह किस्म कई सामान्य रोगों के प्रति सहनशील मानी जाती है, फिर भी समय पर निगरानी जरूर करें.
4. इसकी खेती से किसानों को क्या फायदा होगा?
फोर्डहुक एम्परर किस्म से किसानों को अधिक पैदावार, अच्छी क्वालिटी और बेहतर बाजार भाव मिल सकता है.
5. इस किस्म के बीज कहां से सस्ते में मिल सकते हैं?
इस किस्म को किसान राष्ट्रीय बीज निगम के अलावा सरकारी कृषि केंद्रों, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से बीज खरीद सकते हैं.
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