विदेशों में यूरिया की कीमतें बढ़ीवैश्विक बाजार में यूरिया की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. मध्य-पूर्व में यूरिया का भाव फिलहाल 506.25 डॉलर प्रति टन (FOB) तक पहुंच गया है. इसमें करीब 30 डॉलर प्रति टन और जोड़कर भारत में CFR (कॉस्ट एंड फ्रेट) के आधार पर आयात कीमत तय होती है. यह दर भारत के पिछले कॉन्ट्रैक्ट रेट 530 डॉलर प्रति टन (CFR) से ऊपर है. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की अचानक बढ़ी मांग और घरेलू स्टॉक की कमी इस तेजी की मुख्य वजह है. हालांकि, भारतीय आयातकों को उम्मीद है कि 2 सितंबर को खुलने वाले टेंडर में उन्हें करीब 500 डॉलर प्रति टन पर सौदा मिल सकता है.
‘बिजनेसलाइन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग सूत्रों ने कहा कि इंडोनेशिया और मलेशिया ने चीन से यूरिया की कीमत घटाने पर सहमति बना ली है और जल्द ही भारत भी इसी दायरे में यूरिया का आयात कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो मध्य-पूर्व के उत्पादक भी अपनी दरें कम करने के लिए मजबूर होंगे.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2024 में यूरिया की औसत कीमत 395 डॉलर प्रति टन रही, जो पिछले साल की तुलना में 15 फीसदी ज्यादा है. वहीं, सरकार ने जब किसानों की लंबी कतारों और कालाबाजारी को देखते हुए आयात बढ़ाने का फैसला लिया तो अंतरराष्ट्रीय कीमतें और ऊपर चली गईं. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को अचानक बड़े पैमाने पर आयात करने के बजाय महीनेवार डिलीवरी का टारगेट तय करना चाहिए था.
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का घरेलू यूरिया उत्पादन 307 लाख टन और आयात 56 लाख टन रहा, जबकि कुल खपत 387.9 लाख टन थी, जो पिछले वर्ष के कैरी फॉरवर्ड स्टॉक से पूरी हो सकी. लेकिन, चालू वर्ष में स्थिति कठिन है. 14 अगस्त तक देश में यूरिया का स्टॉक घटकर सिर्फ 29.6 लाख टन रह गया, जो पिछले साल के 75.9 मिलियन टन से 61 प्रतिशत कम है.
स्टॉक की कमी के पीछे मुख्य कारण किसानों की फसलों में बदलाव है. इस बार धान की बुवाई बढ़कर 420.41 लाख हेक्टेयर हो गई, जो पिछले साल से 7.6 प्रतिशत अधिक है. मक्का का रकबा भी 11.7 प्रतिशत बढ़कर 93.34 लाख हेक्टेयर पहुंच गया. दोनों फसलें यूरिया की अधिक खपत करती हैं. वहीं, दलहन और तिलहन का क्षेत्र या तो स्थिर रहा या घटा है. कपास की बुवाई भी पिछले साल से 2.6 प्रतिशत कम रही.
सरकार ने अगस्त के पहले हफ्ते में 20 लाख टन यूरिया आयात का फैसला किया है और 4 सितंबर तक 20 लाख टन और खरीदने की मंजूरी दी जा सकती है. सरकारी कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) ने 15 अगस्त को 10-10 लाख टन यूरिया आयात के लिए टेंडर जारी किया है, जिसकी सप्लाई पूर्वी और पश्चिमी तट के बंदरगाहों पर होगी.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today