गोबर से लाखों में कमाई... प्राकृतिक पेंट बेच रही है यूपी की यह गौशाला, जानिए इसके फायदे

गोबर से लाखों में कमाई... प्राकृतिक पेंट बेच रही है यूपी की यह गौशाला, जानिए इसके फायदे

सहारनपुर की कान्हा उपवन गौशाला में गोबर से बना प्राकृतिक पेंट अब लाखों की कमाई का जरिया बनता जा रहा है. तीन हजार लीटर से ज्यादा बिक्री के साथ यह पेंट बाजार में चर्चा का विषय है. इकोफ्रेंडली और सेहत के लिहाज से सुरक्षित बताए जा रहे इस पेंट की खासियतें इसे अलग पहचान दिला रही हैं.

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गोबर से लाखों में कमाई... प्राकृतिक पेंट बेच रही है यूपी की यह गौशाला, जानिए इसके फायदेगौशाला में लगी गोबर से पेंट बनाने की यूनिट

सहारनपुर की नगर निगम की कान्हा उपवन गौशाला में गोबर से बने प्राकृतिक पेंट ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी है. गौशाला में तैयार इस पेंट की मांग लगातार बढ़ रही है और अब तक तीन हजार लीटर से ज्यादा पेंट की बिक्री हो चुकी है. खास बात यह है कि यह पेंट पूरी तरह इकोफ्रेंडली है और किसी भी तरह के हानिकारक रसायन से मुक्त बताया जा रहा है. सहारनपुर नगर निगम द्वारा संचालित सावलपुर नवादा स्थित मां शाकुंभरी कान्हा उपवन गौशाला में ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की सोच के तहत गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की यूनिट स्थापित की गई है.

सहारनपुर नगर निगम प्रदेश का पहला ऐसा निकाय बन गया है, जहां गोबर से व्यावसायिक स्तर पर पेंट का उत्पादन हो रहा है. अब तक कुल 3160 लीटर पेंट बिक चुका है, जिसमें 2200 लीटर इमल्शन और 960 लीटर डिस्टेंपर पेंट शामिल है. इस पेंट यूनिट का संचालन जयपुर की संस्था लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स के माध्यम से ई-निविदा प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है. पेंट की बिक्री पर नगर निगम को प्रति लीटर 10 रुपये 45 पैसे की रॉयल्टी मिलती है.

पेंट की बिक्री से 7 लाख रुपये की आय हुई

इसी क्रम में गौशाला प्रभारी एवं पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप कुमार मिश्र ने पेंट बिक्री से प्राप्त 33 हजार 22 रुपये की रॉयल्टी का चेक नगर आयुक्त शिपू गिरि को सौंपा. बताया गया कि कुल बिक्री लगभग सात लाख रुपये के आसपास रही है.

पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप कुमार मिश्र ने बताया कि गोबर से बना यह पेंट न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी सुरक्षित है. इसमें लेड, मरकरी जैसे किसी भी तरह के हेवी मेटल का प्रयोग नहीं किया गया है. यह एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से युक्त है, जिससे दीवारों पर फफूंद और कीटाणुओं का असर कम होता है.

अन्‍य जिलों में प्राकृतिक पेंट को मिलेगा बढ़ावा

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में सहारनपुर मंडल और प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस प्राकृतिक पेंट को बढ़ावा देने की योजना है. संदीप कुमार मिश्र ने बताया कि नगर निगम सहारनपुर द्वारा संचालित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में गौशाला में गाय के शुद्ध गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सहारनपुर नगर निगम पहला ऐसा नगर निकाय है, जिसने प्राकृतिक पेंट की यूनिट स्थापित कर उसका सफलतापूर्वक व्यावसायिक संचालन किया है. 

नगर निगम को मिली 33 हजार रुपये की रॉयल्‍टी

अब तक इस यूनिट से लगभग 7 लाख रुपये की पहली बिक्री दर्ज की जा चुकी है. यह संचालन जयपुर की संस्था लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स के सहयोग से किया जा रहा है, जिसके तहत प्रति लीटर 10.45 रुपये की दर से रॉयल्टी मिलती है. कुल 3160 लीटर पेंट के बिक्री के बदले करीब 33 हजार रुपये की रॉयल्टी का चेक नगर आयुक्त को सौंपा गया, जिसे उन्होंने नगर निगम और गौशाला के लिए गर्व का विषय बताया.

उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक पेंट का अधिकांश विक्रय ऑफलाइन माध्यम से किया गया है और सहारनपुर नगर निगम के अंतर्गत हुए सभी रंग-रोगन कार्यों में इसी पेंट का इस्‍तेमाल किया गया है. आने वाले समय में मंडल स्तर पर और पूरे उत्तर प्रदेश में इस प्राकृतिक पेंट को व्यापक रूप से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

खादी ग्रामोद्योग आयोग से जुड़ा है प्रोजेक्‍ट

इस पेंट की खासियत बताते हुए उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत खादी ग्रामोद्योग आयोग से जुड़ा हुआ प्रोजेक्ट है और इसमें अष्ट लाभ निहित हैं. बाजार में उपलब्ध अन्य पेंट्स के विपरीत यह स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को साकार करने का संकल्प लिया गया है. (अनिल कुमार भारद्वाज की रिपोर्ट)

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