फर्टिलाइजर सेक्टर को बड़ी राहत: सरकार ने खाद उद्योग की गैस सप्‍लाई बढ़ाई, उत्‍पादन में आएगी तेजी

फर्टिलाइजर सेक्टर को बड़ी राहत: सरकार ने खाद उद्योग की गैस सप्‍लाई बढ़ाई, उत्‍पादन में आएगी तेजी

खाद उद्योग के लिए सरकार ने गैस सप्लाई बढ़ाकर 95% तक पहुंचा दी है, जिससे उत्पादन पर असर नहीं पड़ेगा. खरीफ सीजन से पहले यह फैसला किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, साथ ही एलपीजी और पीएनजी सप्लाई भी सामान्य बनी हुई है.

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फर्टिलाइजर सेक्टर को बड़ी राहत: सरकार ने खाद उद्योग की गैस सप्‍लाई बढ़ाई, उत्‍पादन में आएगी तेजीखाद उत्‍पादन को लेकर बड़ा फैसला (सांकेतिक तस्‍वीर)

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत सरकार ने फर्टिलाइजर सेक्‍टर के लिए राहत भरा कदम उठाया है. सरकार ने उर्वरक उद्योग को मिलने वाली प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बढ़ाकर पिछले छह महीनों की औसत खपत के करीब 95 प्रतिशत तक पहुंचा दी है, ताकि आने वाले खरीफ सीजन से पहले खाद उत्पादन पर किसी तरह का दबाव न बने. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उपलब्ध गैस स्टॉक और एलएनजी कार्गो की तय शेड्यूलिंग को देखते हुए 9 अप्रैल 2026 से उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस आवंटन में अतिरिक्त 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इससे पहले गैस सप्लाई कम होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन इस फैसले से उद्योग को स्थिरता मिलने की उम्‍मीद है.

खाद उत्पादन पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने कहा कि गैस सप्लाई बढ़ने से यूरिया और अन्य उर्वरकों के उत्पादन में कोई बाधा नहीं आएगी. खरीफ सीजन से पहले अप्रैल और मई को खाद उत्पादन के लिए अहम समय माना जाता है, ऐसे में यह फैसला किसानों के लिए भी राहत भरा है.

अन्य सेक्टर को भी बढ़ी सप्लाई

एक आध‍ि‍कारिक बयान के मुताबिक, सरकार ने सिर्फ उर्वरक क्षेत्र ही नहीं, बल्कि अन्य औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर के लिए भी गैस आपूर्ति में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. इससे सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और अन्य उद्योगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है.

पीएनजी और सीएनजी को प्राथमिकता

सरकार ने घरेलू पीएनजी और सीएनजी ट्रांसपोर्ट सेक्टर को 100 प्रतिशत गैस सप्लाई जारी रखने का फैसला किया है. साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और कमर्शियल यूनिट्स में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके.

एलपीजी सप्लाई सामान्य: सरकार

सरकार ने साफ किया है कि देश में एलपीजी सप्लाई सामान्य बनी हुई है और किसी भी तरह की कमी नहीं है. उपभोक्ताओं को घबराकर ज्यादा खरीदारी न करने की सलाह दी गई है. डिजिटल बुकिंग और डीएसी आधारित डिलीवरी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो अब करीब 92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

5 किलो सिलेंडर की मांग में तेजी

हाल के दिनों में छोटे 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों की मांग में तेजी देखी गई है. 8 अप्रैल को देशभर में 1.06 लाख से ज्यादा सिलेंडर बिके, जो फरवरी 2026 के औसत 77 हजार प्रतिदिन से काफी अधिक है. सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए इन सिलेंडरों की उपलब्धता भी बढ़ाई है.

ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस

सरकार ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के बावजूद देश में ऊर्जा और खाद की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और गैस, एलपीजी व अन्य ईंधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.

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