खाद आयात और सप्लाई पर सरकार ने दी जानकारीदेश में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और वैश्विक संकट के दौरान भी खाद की सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए केंद्र सरकार कई स्तर पर काम कर रही है. सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दिए गए एक जवाब में सरकार ने बताया है कि उर्वरकों के आयात के नए सोर्स तैयार किए जा रहे हैं, वैकल्पिक आयात मार्गों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है और देश के भीतर विभिन्न प्रकार की खाद की सप्लाई व्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा रहा है. सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य वैश्विक बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में रुकावटों के असर को कम करना है.
RTI के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा है कि उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई गई है. अगर किसी एक या कुछ देशों पर अधिक निर्भरता रहे तो अंतरराष्ट्रीय तनाव, युद्ध, प्रतिबंध या अन्य कारणों से आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. इसी वजह से अब अलग-अलग देशों से उर्वरक, कच्चे माल और अन्य जरूरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इससे भविष्य में किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर भारत की खाद आपूर्ति पर उसका असर कम पड़ेगा.
सरकार ने अपने जवाब में यह भी बताया है कि सिर्फ नए देशों से आयात पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है, बल्कि उपलब्ध सबसे बेहतर वैकल्पिक आयात मार्गों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अगर किसी समुद्री मार्ग, बंदरगाह या अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में बाधा आती है, तब भी उर्वरकों की आपूर्ति जारी रहे. यह व्यवस्था तैयार उर्वरकों के साथ-साथ कच्चे माल और इंटरमीडिएट उत्पादों की आपूर्ति के लिए भी लागू की जा रही है, ताकि देश के उर्वरक उत्पादन पर कोई बुरा असर न पड़े.
केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया कि उर्वरक सुरक्षा केवल आयात पर निर्भर नहीं रह सकती. इसलिए देश के भीतर उर्वरकों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर भी खास जोर दिया जा रहा है. इसके तहत उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को बेहतर बनाने, लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और विभिन्न राज्यों तक खाद की बिना किसी रुकावट सप्लाई बनाए रखने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को खेती के मौसम में बिना किसी बाधा के समय पर उर्वरक मिल सके.
पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन में आई रुकावटों का असर उर्वरक बाजार पर भी देखने को मिला है. ऐसे हालात में कई देशों को खाद की उपलब्धता और कीमतों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today