Fertilizer Requirement: देश में क‍ितनी खाद की है जरूरत और क‍ितना है स्टॉक, आंकड़ों की 'बाजीगरी' शुरू

Fertilizer Requirement: देश में क‍ितनी खाद की है जरूरत और क‍ितना है स्टॉक, आंकड़ों की 'बाजीगरी' शुरू

एक तरफ जहां सरकार खरीफ 2026 सीजन के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं पिछले सालों के आंकड़े सरकार के वादों पर सवाल खड़े करते नजर आ रहे हैं. सरकार सीजन शुरू होने से पहले किसानों को आश्वासन तो देती है, लेकिन जब असल समय आता है, तो किसानों को न सिर्फ़ खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है, बल्कि उन्हें प्रशासन की लाठियां भी खानी पड़ती हैं. इसे देखते हुए यह सवाल उठता है कि अगर सच में देश में खाद की कोई कमी नहीं है, तो फिर सीज़न आने पर किसानों को अपनी फ़सलों के लिए ज़रूरी खाद क्यों नहीं मिल पाती?

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Fertilizer Requirement: देश में क‍ितनी खाद की है जरूरत और क‍ितना है स्टॉक, आंकड़ों की 'बाजीगरी' शुरू देश में खाद का पर्याप्त भंडार

केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग ने खरीफ सीजन 2026 को लेकर बड़ी राहत भरी जानकारी दी है. विभाग का कहना है कि इस बार देश में खाद की कोई कमी नहीं होगी और किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिल पाएगा. उर्वरक विभाग की एडिशनल सचिव अपर्णा एस. शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में देश में यूरिया और डीएपी दोनों ही प्रमुख खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. आंकड़ों के मुताबिक, अभी देश में यूरिया की उपलब्धता 62.28 लाख मीट्रिक टन है, जबकि डीएपी की उपलब्धता 20.32 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई है. यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि सरकार ने इस बार पहले से ही तैयारी मजबूत रखी है, ताकि खेती के समय किसी तरह की परेशानी न हो.

उत्पादन और आयात से बढ़ा भंडार

सरकार की इस तैयारी के पीछे एक बड़ा कारण मार्च और अप्रैल महीने में हुआ अच्छा उत्पादन और समय पर किया गया आयात है. अधिकारियों के अनुसार, इन दो महीनों के दौरान देश में कुल 67.71 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन किया गया है. इसके साथ ही लगभग 17 लाख मीट्रिक टन खाद का आयात भी देश में पहुंच चुका है. इसका सीधा फायदा यह हुआ है कि देश में खाद का कुल भंडार तेजी से बढ़ा है. पहले जहां किसानों को कई बार खाद की कमी का सामना करना पड़ता था, वहीं इस बार सरकार ने पहले ही उत्पादन और आयात दोनों पर ध्यान देकर स्थिति को संतुलित बना दिया है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जब किसानों को खाद की जरूरत हो, तब उन्हें आसानी से उपलब्ध हो सके.

खरीफ सीजन की जरूरत और मौजूदा स्टॉक

खरीफ 2026 के लिए सरकार ने देश में कुल खाद की जरूरत 390.54 लाख मीट्रिक टन आंकी है. इसके मुकाबले अभी देश में 195.71 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक पहले से ही मौजूद है. यानी कुल जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत भंडार पहले ही तैयार कर लिया गया है. यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि इससे साफ होता है कि सरकार ने समय से पहले योजना बनाकर काम किया है. इतनी बड़ी मात्रा में पहले से स्टॉक होने का मतलब है कि सीजन शुरू होते ही किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर खाद मिल जाएगी.

बेहतर योजना और भंडारण का असर

अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति राज्यों में बेहतर योजना और भंडारण व्यवस्था के कारण संभव हो पाई है. पहले कई बार ऐसा होता था कि खाद की सप्लाई समय पर नहीं पहुंच पाती थी, जिससे किसानों को लंबी लाइन लगानी पड़ती थी या फिर महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ती थी. लेकिन इस बार राज्य स्तर पर पहले से ही स्टॉक जमा कर लिया गया है और वितरण की योजना भी बेहतर तरीके से बनाई गई है. इससे खाद की सप्लाई में रुकावट नहीं आएगी और किसानों को आसानी से खाद मिल सकेगा. यह कदम किसानों के लिए काफी मददगार साबित होगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खेती पूरी तरह बारिश और समय पर खाद मिलने पर निर्भर करती है.

किसानों के लिए राहत और खेती पर सकारात्मक असर

सरकार की इस तैयारी से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. समय पर खाद मिलने से फसलों की बुवाई और बढ़वार सही तरीके से हो सकेगी, जिससे उत्पादन भी बेहतर होगा. जब किसान को जरूरी संसाधन समय पर मिलते हैं, तो उसकी मेहनत का परिणाम भी अच्छा मिलता है. इस बार खाद की कोई कमी नहीं होने से खेती पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर पड़ने की संभावना कम है. कुल मिलाकर, खरीफ 2026 के लिए सरकार की तैयारी मजबूत नजर आ रही है और इससे किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा.

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