
कद्दू की खेती (सांकेतिक फोटो)कद्दू या कुम्हड़े को कौन नहीं जानता. इस सब्जी का इस्तेमाल लगभग हर घर के रसोई में किया जाता है. कद्दू एक महत्वपूर्ण और स्वादिष्ट सब्जी के तौर पर पकाया और खाया जाता है. अलग-अलग राज्यों में इसे कोंहड़ा, कुम्हड़ा, सीताफल और काशीफल जैसे नामों से जाना जाता है. वहीं, कद्दू को कच्चा और पका दोनों तरीके से खाया जाता है. ऐसे में अगर आप भी खेती या घर के गमले में कद्दू उगाने की सोच रहे हैं, तो सही किस्म चुनना बहुत जरूरी है. अक्सर लोग इसी बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि कौन सी वैरायटी ज्यादा उत्पादन देगी, कौन सी जल्दी तैयार होगी. ऐसे में अगर आप इस महीने अपने गार्डन में कद्दू लगाना चाहते हैं तो नीचे दी गई जानकारी की सहायता से कद्दू की बीज ऑनलाइन आसानी से अपने घर मंगवा सकते हैं.
किसान वर्तमान समय में धान-गेहूं के अलावा सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. ऐसे में किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन कद्दू के काशी हरित किस्म का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं.

कद्दू की बेहद खूबसूरत और नामचीन किस्मों में काशी हरित का नाम दर्ज है. ये किस्म भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) द्वारा विकसित एक उच्च उपज वाली हाइब्रिड किस्म है, जो 50-60 दिनों में तैयार होकर 15-20 टन प्रति एकड़ तक उत्पादन दे सकती है. यह मध्यम से बड़े, गहरे हरे और धारियों वाले फल देती है, जो बाजार में बहुत लोकप्रिय है. इस किस्म की खेती गर्मी और खरीफ दोनों मौसम में आसानी से की जा सकती है.
अगर आप भी कद्दू की खेती करना चाहते हैं तो काशी हरित किस्म के 5 ग्राम के पैकेट का बीज फिलहाल 20 फीसदी छूट के साथ 40 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट से खरीद सकते हैं. इसे खरीद कर आप आसानी से कद्दू की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
कद्दू की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में आसानी से की जा सकती है. वहीं, अच्छी पैदावार लेने के लिए दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे उचित मानी जाती है. कद्दू की खेती करने से पहले खेतों की जुताई करने के बाद पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा और समतल करना चाहिए. उसके बाद बीज की बुवाई करनी चाहिए.
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