महाराष्ट्र में किसानों के लिए अलग बीज कानून लाने की तैयारी, खराब बीज पर तुरंत मुआवजा मिलेगा

महाराष्ट्र में किसानों के लिए अलग बीज कानून लाने की तैयारी, खराब बीज पर तुरंत मुआवजा मिलेगा

महाराष्ट्र सरकार किसानों को बीजों के मामले में कानूनी अधिकार देने के लिए अलग कानून लाने की तैयारी कर रही है. नए प्रस्तावित कानून में किसानों को बीज सुरक्षित रखने, इस्तेमाल करने, बदलने और बेचने का अधिकार मिलेगा. खराब या नकली बीज मिलने पर तुरंत मुआवजे का प्रावधान होगा. बीज कंपनियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी, क्यूआर कोड और ट्रेसबिलिटी सिस्टम लागू होगा. खरीफ 2026 से बीज उत्पादन और बिक्री Saathi पोर्टल के जरिए होगी.

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महाराष्ट्र में किसानों के लिए अलग बीज कानून लाने की तैयारी, खराब बीज पर तुरंत मुआवजा मिलेगामहाराष्ट्र में आएगा नया बीज कानून

महाराष्ट्र सरकार जल्द ही किसानों के हित में बीजों से जुड़ा एक अलग और सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है. राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने मंगलवार को बताया कि इस प्रस्तावित कानून के तहत किसानों को बीजों को सुरक्षित रखने, इस्तेमाल करने, आपस में बदलने और बेचने का कानूनी अधिकार दिया जाएगा, वह भी बिना किसी ब्रांड नाम के दबाव के.

मंत्रालय (मंत्रालय) में हुई एक अहम बैठक में मंत्री ने कहा कि इस नए कानून का सबसे बड़ा उद्देश्य यह तय करना है कि किसानों को उच्च क्वालिटी वाले बीज मिलें और अगर बीज खराब निकलते हैं तो उन्हें तुरंत मुआवजा मिले. साथ ही, बीज कंपनियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी.

बीज अधिनियम में बदलाव की तैयारी

कृषि मंत्री ने बताया कि यह कानून बीज अधिनियम 1966 में प्रस्तावित संशोधनों के आधार पर लाया जा रहा है. यह कदम महाराष्ट्र विधानसभा के 2025 के मॉनसून सत्र में दिए गए आश्वासन के मुताबिक है. उन्होंने कहा कि नए कानून में किसानों को जल्द मुआवजा देने के लिए मजबूत प्रावधान होंगे. बीज की क्वालिटी को लेकर बीज कंपनियों की जवाबदेही तय की जाएगी, राज्य बीज निगम महाबीज (Mahabeej) के कामकाज में सुधार किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

जिला स्तर पर शिकायत केंद्र बनेंगे

मंत्री भरणे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में बीज शिकायत निवारण केंद्र बनाए जाएं, ताकि किसानों की समस्याओं का तुरंत निपटारा हो सके. साथ ही, ‘साथी पोर्टल’ पर “सत्यापित (ट्रुथफुल) बीजों” का रजिस्ट्रेशन शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं. कृषि विश्वविद्यालयों में किए जा रहे शोध से जुड़े प्रावधानों को भी इस कानून में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाएगा.

बीज कारोबार में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

प्रस्तावित कानून के तहत बीज उत्पादन करने वालों, बीज प्रोसेसिंग इकाइयों, वितरकों, विक्रेताओं और नर्सरियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा. नर्सरियों को यह भी दर्ज रखना होगा कि पौधे कहां से लाए गए हैं.

क्यूआर कोड और ट्रेसबिलिटी सिस्टम

बीज के हर पैकेट पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा. इसके साथ ही एक केंद्रीकृत बीज ट्रेसबिलिटी सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे बीज की पूरी सप्लाई चेन—उत्पादन से लेकर बिक्री तक—की जानकारी ट्रैक की जा सकेगी.

बीज स्वास्थ्य मानक भी लागू होंगे

कानून में बीजों में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया और फंगस की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए बीज स्वास्थ्य मानक लागू करने का भी प्रावधान होगा.

साथी पोर्टल पर 100% रजिस्ट्रेशन पूरा

मंत्री ने बताया कि राज्य में बीज उत्पादक सभी संस्थाओं का 100 फीसदी रजिस्ट्रेशन साथी पोर्टल पर पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा कि खरीफ 2026 सीजन से बीज का पूरा उत्पादन, वितरण और बिक्री इसी पोर्टल के माध्यम से की जाएगी. इससे बीजों की ट्रेसबिलिटी, प्रमाणन और जवाबदेही और मजबूत होगी.

सरकार का मानना है कि यह नया कानून किसानों के अधिकारों की रक्षा करेगा और बीज बाजार में पारदर्शिता लाकर किसानों को नुकसान से बचाएगा.(PTI)

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