
शिमला मिर्च की खेतीअगर आप खेती के लिए ऐसी फसल की तलाश में हैं जो कम समय में तगड़ी कमाई दिला दे, तो शिमला मिर्च आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है. इस सब्जी की डिमांड बाजार में साल भर बनी रहती है. सही तरीके से खेती करने पर शिमला मिर्च की फसल आपको अच्छा मुनाफा दे सकती है. ऐसे में अगर आप भी शिमला मिर्च की कुछ ऐसी ही किस्म की तलाश कर रहे हैं जिससे अधिक उपज मिल सके तो आप इसकी 'कैलिफ़ोर्निया वंडर' किस्म को अपने गार्डन में उगा सकते हैं. आइए बताते हैं कहां सस्ते में मिलेगा इसका बीज और क्या है इसकी खासियत.
गार्डनिंग और सब्जियों की खेती की बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए राष्ट्रीय बीज निगम किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन 'कैलिफोर्निया वंडर' शिमला मिर्च के बीज बेच रहा है. इस बीच को आप ओएनडीसी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद सकते हैं. इसके अलावा इस ऑनलाइन स्टोर पर किसानों को कई अन्य प्रकार की फसलों के बीज भी आसानी से मिल जाएंगे. किसान इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर पर डिलीवरी करवा सकते हैं.

'कैलिफ़ोर्निया वंडर' शिमला मिर्च की एक खास किस्म है, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) द्वारा विकसित और जारी किया गया है. अपनी उच्च पैदावार क्षमता के लिए जानी जाने वाली यह किस्म, व्यावसायिक खेती और किचन गार्डनिंग दोनों के लिए बेस्ट है. इसमें विटामिन सी की मात्रा हरी शिमला मिर्च से दोगुनी होती है. वहीं, इस किस्म का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जाता है. जैसे ग्रिल करके, भूनकर या सलाद में काटकर. वहीं, ये किस्म लगभग 70-75 दिनों में ये पर कर तैयार हो जाता है. बात करें इसके बीज की कीमत की तो इसके 2 ग्राम का पैकेट फिलहाल 29 फीसदी छूट के साथ मात्र 120 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर मिल जाएगा. इसे खरीद कर आप आसानी से गमले में शिमला मिर्च उगा सकते हैं.
शिमला मिर्च को गमले में उगाने के लिए सबसे पहले एक बड़े साइज का गमला लें. फिर अच्छी जल निकासी वाली, रेतीली-दोमट मिट्टी में जैविक खाद मिलाएं और सभी को मिक्स करके थोड़ी देर के लिए धूप में रख दें, ताकि मिट्टी में मौजूद नमी और कीड़े-मकोड़े निकल जाएं. गमले में बीज लगाने से पहले उन्हें 24 घंटे के लिए गुनगुने पानी में भिगोकर रखें. उसके बाद बीज को मिट्टी के अंदर 3 से 4 इंच की गहराई पर लगा दें.
शिमला मिर्च की खेती के लिए भुरभुरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकास वाली दोमट मिट्टी अच्छी रहती है. वहीं, बुवाई से पहले 20-25 टन प्रति हेक्टेयर गोबर की खाद डालना चाहिए. फिर पौधा लगाते समय ये ध्यान दें कि पौधों के बीच दूरी 45*45 सेमी का गैप हो. साथ ही पौधों में नमी बनाए रखने के लिए गर्मी में 4–5 दिन पर सिंचाई करें. पौधों को रस्सियों से सहारा दें ताकि फल लगने पर वे जमीन की ओर ना झुकें.
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