उन्नत सरसों की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक हेक्टेयर में 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा

उन्नत सरसों की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक हेक्टेयर में 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा

विदिशा के किसान शिशुपाल सिंह ने एनएमईओ-ऑयलसीड्स योजना के तहत RH-761 उन्नत सरसों बीज से एक हेक्टेयर में 22.5 क्विंटल उत्पादन लेकर 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ कमाया. जानिए उनकी सफलता की पूरी कहानी.

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उन्नत सरसों की खेती से बदली किसान की तकदीर, एक हेक्टेयर में 1 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा

कृषि विभाग द्वारा संचालित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयलसीड्स (NMEO-Oilseeds) योजना किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है.योजना के तहत उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं.विदिशा जिले के नटेरन विकासखंड की ग्राम पंचायत भरनाखेड़ा के गोलना गांव के किसान शिशुपाल सिंह इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं. उन्होंने मात्र एक हेक्टेयर में उन्नत किस्म की सरसों की खेती कर एक लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित किया है.

परंपरागत खेती से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ाया कदम

शिशुपाल सिंह पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे. सीमित सिंचाई संसाधनों और पारंपरिक खेती के कारण उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता था. चना सहित अन्य फसलों में कीट एवं रोग नियंत्रण पर अधिक खर्च करना पड़ता था, जिससे लाभ सीमित रह जाता था.इसी दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिससे उन्होंने खेती का तरीका बदलने का निर्णय लिया.

कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन से मिली सफलता

कृषि विस्तार अधिकारी अनिल बघेल द्वारा नियमित क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों को विभागीय योजनाओं, आधुनिक खेती की तकनीकों और अनुदान पर उपलब्ध बीजों की जानकारी दी गई. रबी वर्ष 2025 में शिशुपाल सिंह को एनएमईओ-ऑयलसीड्स योजना के तहत RH-761 उन्नत किस्म का सरसों बीज अनुदान पर मिला.

उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में वैज्ञानिक पद्धति और कृषि विभाग की अनुशंसित तकनीकों के अनुसार सरसों की खेती की.उन्नत बीज और सही तकनीक का परिणाम यह रहा कि फसल ने उम्मीद से बेहतर उत्पादन दिया.

25 हजार की लागत, डेढ़ लाख के करीब आय

किसान के अनुसार खेत की तैयारी से लेकर कटाई तक कुल लगभग 25 हजार रुपये की लागत आई.इसके बदले उन्हें 22.5 क्विंटल सरसों का उत्पादन प्राप्त हुआ.मंडी में सरसों 6325 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकी, जिससे 1,42,312 रुपये की कुल आय हुई.

सभी खर्चों को घटाने के बाद उन्हें एक लाख रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ मिला.इसके अलावा सरसों के भूसे की बिक्री से भी लगभग 5 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई. इस तरह एक ही फसल से उन्हें बेहतर उत्पादन और शानदार मुनाफा मिला.

अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत

अपनी सफलता से उत्साहित शिशुपाल सिंह अब क्षेत्र के अन्य किसानों को भी कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने और वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि किसान उन्नत बीजों का उपयोग करें और आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, तो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है.

उन्होंने इस सफलता का श्रेय कृषि विभाग के मार्गदर्शन और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को दिया. उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि सही तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है.

 

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