खाद सप्लाई पर बड़ा अपडेटकेंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर दी है. रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया है कि भारत के लिए खाद और उसके कच्चे माल लेकर चल रहे कुल 15 जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पार कर चुके हैं और अब भारत की ओर आ रहे हैं. सरकार ने कहा है कि देश में खाद की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
मंत्रालय के अनुसार इन 15 जहाजों में अलग-अलग तरह की खाद शामिल है. इनमें 8 जहाजों में लगभग 3.32 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4 जहाजों में 2.57 लाख मीट्रिक टन डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और 3 जहाजों में 1.11 लाख मीट्रिक टन सल्फर शामिल है. इसके अलावा 5 और जहाज भी जल्द ही भारत के लिए रवाना होने वाले हैं.
सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में सप्लाई चेन पर असर पड़ा है. इससे खाद की कीमतें बढ़ी हैं और सप्लाई में भी देरी हो रही है. लेकिन इसके बावजूद भारत सरकार ने समय रहते जरूरी कदम उठाए हैं ताकि किसानों को खाद की कमी का सामना न करना पड़े.
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत के दूतावासों ने विदेशों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए नए सप्लायरों से संपर्क किया है. इसके साथ ही सरकार लगातार राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि हर राज्य में खाद सही समय पर और सही मात्रा में पहुंच सके.
मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश में अब प्राकृतिक गैस की सप्लाई पूरी तरह से 100 प्रतिशत सामान्य हो गई है. पहले इसमें कुछ कमी आई थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह ठीक है. इसके साथ ही देश में लगभग 197.56 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक सुरक्षित रखा गया है, जो देश की सालाना जरूरत का 51 प्रतिशत से ज्यादा है.
सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश के किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. खाद की सप्लाई, उत्पादन और वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है. सरकार का दावा है कि इन सभी प्रयासों के कारण देश में खाद की कोई बड़ी कमी नहीं है और किसानों को समय पर खाद मिलती रहेगी.
इन सभी कदमों से साफ है कि सरकार वैश्विक चुनौतियों के बावजूद किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है. सुरक्षित सप्लाई, पर्याप्त स्टॉक और लगातार निगरानी के जरिए देश में खाद की उपलब्धता को मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि खेती का काम बिना रुकावट चलता रहे.
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