महिला किसानों के लिए ये 3 कृषि यंत्र हैं बहुत उपयोगी, जानिए खासियत  

महिला किसानों के लिए ये 3 कृषि यंत्र हैं बहुत उपयोगी, जानिए खासियत  

कृषि क्षेत्र में महिलाओं योगदानों को ध्यान में रखते हुए कई कृषि यंत्रों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि महिला किसान इनका उपयोग आसानी से कर सकें. वहीं इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं है.

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महिला किसानों के लिए ये 3 कृषि यंत्र हैं बहुत उपयोगी, जानिए खासियत  महिला किसान

Agricultural Machinery for Women Farmers: महिलाएं राष्ट्र के विकास में पुरुषों के बराबर ही महत्व रखती हैं. हमारे देश में लगभग 70% आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है. लगभग 80% से अधिक ग्रामीण परिवारों के आय का प्रमुख स्त्रोत कृषि है. वहीं मौजूदा वक्त में कृषि क्षेत्र में महिलाओं का योगदान लगभग 60% से ज्यादा है. लेकिन, अधिकांश महिलाएं कृषि क्षेत्र के नई तकनीकों को अपनाने और लाभ उठाने में असमर्थ हैं.

वे कृषि के साथ-साथ अपनी घरेलू जिम्मेदारियों में ही उलझी रहती हैं. वहीं देश के 48% कृषि से संबंधित रोजगारों में सिर्फ महिलाएं ही कार्यरत हैं, जबकि लगभग 7.5 करोड़ महिलाएं डेयरी उद्योग से संबंधित कार्यों में सार्थक भूमिका निभाती हैं. आंकड़ों के मुताबिक, कृषि उत्पादन में महिलाओं का योगदान लगभग 20% से ज्यादा है.

एक रिसर्च के अनुसार, हिमालय क्षेत्रों में, एक हेक्टेयर जमीन पर 1 साल में बैलों की एक जोड़ी तकरीबन 1064 घंटे, एक आदमी तकरीबन 1212 घंटे और एक महिला तकरीबन 3485 घंटे काम करती है. यह एक ऐसा आंकड़ा है, जो भारतीय कृषि में महिलाओं महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है. कृषि क्षेत्र में महिलाओं के इन्हीं योगदानों को ध्यान में रखते हुए कई कृषि यंत्रों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि महिला किसान इनका उपयोग आसानी से कर सकें. वहीं इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं है.

महिला किसानों के लिए उपयोगी टॉप 3 कृषि यंत्र 

1. गन्ना बड चिपर (Sugarcane Bud Chipper)

गन्ना बड चिपर में कोई खास मेहनत नहीं लगती है. आपको सिर्फ एक हाथ से हैंडल दबाना पड़ता है. एक घंटे में आप औसतन 100 गन्ने की बड निकाल सकते हैं. इससे गन्ना बिल्कुल भी वेस्ट नहीं होता और आप कितने भी मोटे या पतले गन्ने से बड चिप निकाल सकते हैं. इस मशीन को न किसी ईंधन या फिर बिजली की ज़रूरत नहीं होती है. इसका भार बहुत ज्यादा नहीं है तो ट्रांसपोर्टेशन बहुत ही आसान है. इस कृषि यंत्र (Agriculture Machinery) की मदद से गन्ने की बर्बादी कम होती है और गठानों को सीधे बोने के लिए उपयोग कर सकते हैं.

2. हस्तचालित बीज बुआई यंत्र/ड्रिल

हस्तचालित बीज बुआ यंत्र का उपयोग गेहूं, सोयाबीन, मक्का, चना, और अरहर के बीज एक पंक्ति में बोने के लिए किया जाता है. वहीं, इस सीड ड्रिल में हैंडल, बीज के लिए हॉपर, एक ग्राउंड व्हील, एक फ्लुटेड रोलर और ड्रिल खींचने के लिए एक हुक होता है. बीज को गिराने का कम फ्लुटेड रोलर से किया जाता है. हालांकि, इसका उपयोग अच्छी तरह से तैयार खेत में ही किया जाता है. इससे निराई-गुड़ाई में यांत्रिक साधनों का अधिकाधिक उपयोग करके लागत कम की जा सकती है व कठोर श्रम से भी बचा जा सकता है. इसके साथ ही बीजों की भी बचत होती है.


3. उन्नत दांतेदार हंसिया (सिकल) 

इस यंत्र को भाकृअनुप-केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल द्वारा विकसित किया गया है. इस यंत्र का उपयोग पतले डंठल वाली फसलों जैसे गेहूं, सोयाबीन, धान, चना, सरसों और घास आदि की कटाई करने के लिए किया जाता है. इसमें दांतेदार ब्लेड, सामी और लकड़ी के हैंडल लगे होते हैं. इसका वजन 180 ग्राम है. इसके कम वजन के कारण कलाई पर आने वाली थकान कम होती है. 

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