मिलावटी दूध की जांच (AI- तस्वीर)महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए बड़ा कदम उठाने की बात कही है. उन्होंने पूरे राज्य में मिलावट की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम बनाने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि यह सिस्टम नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के सहयोग से तैयार किया जाना चाहिए. सरकारी प्रेस नोट के अनुसार, यह निर्देश मुख्यमंत्री आवास 'वर्षा' में हुई बैठक के दौरान दिया गया, जहां बैठक में NDDB के चेयरमैन मीनेश शाह ने महाराष्ट्र में चल रही योजनाओं और कामों की जानकारी दी.
सीएम फडणवीस ने कहा कि NDDB ने दूध में यूरिया समेत दूसरी मिलावट पकड़ने के लिए टेस्ट स्ट्रिप्स बनाई हैं, लेकिन निगरानी और रोकथाम को और मजबूत करने के लिए अब ज्यादा आधुनिक AI आधारित सिस्टम की जरूरत है. उन्होंने कहा कि NDDB और IIT को मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहिए, जिससे मिलावट का जल्दी और सही पता चल सके. इससे लोगों तक सुरक्षित दूध और डेयरी उत्पाद पहुंचाना आसान होगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में करीब 40 प्रतिशत दूध संगठित क्षेत्र के जरिए प्रोसेस होता है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत दूध असंगठित क्षेत्र से आता है. उन्होंने कहा कि मिलावट की घटनाएं ज्यादातर असंगठित क्षेत्र में देखने को मिलती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ज्यादा से ज्यादा दूध उत्पादकों और गांवों को संगठित डेयरी नेटवर्क से जोड़ना चाहती है. सीएम फडणवीस ने कहा कि देशभर में 75,000 नए गांवों को सहकारी डेयरी व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इससे किसानों को फायदा होगा और दूध में मिलावट रोकने में भी मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में बनाई गई टेस्ट स्ट्रिप्स यूरिया और दूसरे मिलावटी सामानों की पहचान कर सकती हैं. उम्मीद है कि अगले छह महीनों में ये पूरी तरह काम करना शुरू कर देंगी.
बैठक में मीनेश शाह ने बताया कि राज्य सरकार के सहयोग से सरकारी डेयरी ब्रांड 'महानंद' को फिर से मजबूत बनाने का काम तेजी से चल रहा है और करीब 78 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा कि 3 लाख लीटर क्षमता वाली एक नई डेयरी परियोजना की भी योजना बनाई जा रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि महानंद परिसर में खास पार्लर और आधुनिक सुविधाएं तैयार की गई हैं. जल्द ही 'आरे' और 'महानंद' ब्रांड को दोबारा लॉन्च किया जाएगा.
इसके अलावा मुंबई की आरे कॉलोनी में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, लातूर के उदगीर में नया डेयरी प्लांट और नागपुर के बुटीबोरी में आधुनिक डेयरी सुविधा शुरू करने की योजना है. मीनेश शाह ने कहा कि NDDB की योजनाओं के तहत विदर्भ और मराठवाड़ा के 19 जिलों में दूध खरीद बढ़ाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की NPDD योजना के तहत महानंद डेयरी में दूध और डेयरी उत्पादों की जांच के लिए एक आधुनिक लैब बनाई गई है. (PTI)
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