Animal Feed-Fodder: मौसम के हिसाब से गाय-भैंस की खुराक में कर लें बदलाव, लेकिन ये जरूर करें इस्तेमाल 

Animal Feed-Fodder: मौसम के हिसाब से गाय-भैंस की खुराक में कर लें बदलाव, लेकिन ये जरूर करें इस्तेमाल 

Animal Feed-Fodder एकदम से चारे को बदलना और उसमे कमी-बढ़ोतरी करना सीधे पशुओं की खुराक और उनकी पाचन क्रिया पर असर डालता है. इसलिए एनिमल न्यूट्रीशन एक्सपर्ट ऐसा करते वक्त एक खास चीज को जरूर शामिल करने की सलाह देते हैं, और वो है सोडियम बाइकार्बोनेट (मीठा सोडा). लेकिन इसके साथ ही अलर्ट रहने की भी बहुत जरूरत होती है. 

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Animal Feed-Fodder: मौसम के हिसाब से गाय-भैंस की खुराक में कर लें बदलाव, लेकिन ये जरूर करें इस्तेमाल 

जरूरत के हिसाब से पशु अपनी खुराक कम खा रहा है. दूध उत्पादन भी पूरा नहीं कर रहा है. इतना ही नहीं जो दूध दे रहा है उसकी क्वालिटी भी गिर रही हो. दूध में फैट कम हो रही हो. यहां तक की खाई जा रही खुराक के चलते पशुओं का पेट भी खराब हो रहा हो, तो समझ जाइए की कहीं न कहीं पशु को दी जा रही खुराक में बदलाव की जरूरत है. हालांकि इन लक्षणों के चलते पशुपालक बहुत जल्दी परेशान हो उठते हैं. उन्हें लगता है कि उनकी गाय-भैंस किसी बीमारी की चपेट में आ रही है, जबकि ऐसा होता नहीं है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि ये सब लक्षण किसी बीमारी के कम और मौसम परिवर्तन के चलते होने वाले बदलावों के हैं. 

ये वो वक्त होता है जब पशुओं की खुराक में बदलाव किया जाना चाहिए. लेकिन चारे और खुराक में बदलाव करते वक्त अगर आप पशुओं को मीठा सोडा खि‍ला रहे हैं तो इसकी शुरुआत बहुत ही थोड़ी मात्रा से करें. क्योंकि खुराक में बदलाव करते वक्त मीठा सोडा खि‍लाना भी जरूरी होता है. वहीं पशुओं की दो से तीन ऐसी स्टेज भी होती हैं जब पशु को बहुत ही एहतियात के साथ मीठा सोडा खि‍लाना चाहिए या फिर मुमकिन हो तो खि‍लाना ही नहीं चाहिए. 

कब खि‍लाएं पशुओं को मीठा सोडा

दुधारू पशुओं के लिए मीठा सोडा बहुत ही उपयोगी माना जाता है. पशुपालन में इसका इस्तेमाल खासतौर पर पशु के पाचन को सुधारने और दूध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाता है.

  • जब पशु की खुराक में शामिल दाना अचानक बदला जा रहा हो. 
  • जब पशुओं की खुराक में अनाज, खली ज्यादा और हरा चारा कम हो.
  • अगर पशु जुगाली कम कर रहा है तो उसे मीठा सोडा दे सकते हैं. 

ये हैं मीठा सोडा के फायदे 

  • जब गाय-भैंस या भेड़-बकरी ज्यादा दाना या अनाज खा लेते हैं तो एसिडिटी बढ़ जाती है. मीठा सोडा इस एसिडिटी को कम करके पेट का pH लेवल संतुलित रखता है.
  • पशु का पाचन सही रहता है तो उसके दूध में फैट भी अच्छी मात्रा में बनता है. 
  • पशु की खुराक कम हो रही है या जुगाली कम कर रहा है, तो मीठा सोडा देने से उसकी भूख और खाने की क्षमता बढ़ती है.
  •  पेट में गैस बनने या पेट फूलने जिसे अफरा भी कहा जाता है की परेशानी मीठा सोडा देने से ठीक हो जाती है. 
  • एसिडिटी की वजह से पशु को दस्त हो गए हैं, गोबर पतला कर रहा है, तो मीठा सोडा दे सकते हैं.

ऐसे खि‍लाएं मीठा सोडा 

  • एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक मीठा सोडा खि‍लाने की का वक्त और उसकी मात्रा हमेशा पशु की स्थिति और उसकी डाइट के हिसाब से तय की जाती है. 
  •  सामान्य हालात में 30 से 50 ग्राम रोजाना दाना मिश्रण में मिलाकर खि‍लाया जा सकता है. 
  •  एक्सपर्ट की सलाह पर  ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को 50 से 100 ग्राम तक दे सकते हैं. 
  • अफारा या गैस होने पर 100 ग्राम मीठा सोडा तेल या पानी के साथ घोल बनाकर दे सकते हैं. 

मीठा सोडा में बरतें सावधानियां 

लगातार मीठा सोडा न खि‍लाएं, जब पशु को ज्यादा दाना खि‍लाया जा रहा हो या पाचन की परेशानी हो. 
पशुओं को साधारण नमक खि‍ला रहे हैं तो सोडे की मात्रा का ध्यान रखें, जिससे शरीर में सोडियम का संतुलन न बिगड़े.
पशु गाभि‍न है या कोई दूसरी गंभीर बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह पर ही मीठा सोडा खि‍लाएं.

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