बांदा में किसानों की धान की फसल बर्बाद. (सांकेतिक फोटो)यूपी के बांदा में नहर की सफाई के बाद पानी छोड़े जाने से इस कदर तबाही मच गयी कि सैकड़ों किसानों के खेतों में 3 फीट से ज्यादा पानी भर गया और 500 बीघे से ज्यादा क्षेत्र में धान की पकी हुई फसल बर्बाद हो गई. किसानों ने मामले को लेकर जमकर नारेबाजी की और डीएम से शिकायत कर मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि साहब फसल बर्बाद होने से भुखमरी की स्थिति आ गयी है, वे अब बेटियों की शादी कैसे करेंगे? किसानों ने CM योगी से भी मदद की गुहार लगाई है.
मामले को लेकर डीएम नगेन्द्र प्रताप ने किसानों को मदद का भरोसा दिया है और तहसीलदार के साथ नहर विभाग के अफसरों को जांच के लिए भेजा है. मामला बबेरू तहसील क्षेत्र का है. जहां शिव गांव के दर्जनों किसान आज डीएम ऑफिस पहुंचे. किसानों का कहना है कि नहर में सफाई के बाद पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते हमारे खेतो में 3 फिट से ज्यादा पानी भर गया है, बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं, जिससे खेतो में पकी फसल सड़ गयी है.
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आलम यह है कि धान खेतो में फिर से उग गया है. इस समस्या से करीब दो सौ से ज्यादा किसानों की 500 बीघे से ज्यादा फसल खराब हो गयी है. किसानों का यह भी कहना है कि तहसील स्तर पर कोई सुनवाई नही हो रही, इसलिए आज मंगलवार को डीएम ऑफिस में डीएम से मुआवजे की मांग कर रहे हैं. भूखे मरने की स्थिति आ गई है, अपना पेट कैसे भरेंगे, कैसे बेटियों की शादी करेंगे?
नाराज किसानों ने कहा कि अगर यहां भी सुनवाई नहीं हुई तो बच्चों सहित धरना प्रदर्शन करेंगे. परेशान किसानों ने अब CM योगी से मुआवजे की मांग की है. एक ओर जहां रबी की बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन किसानों द्वारा खरीफ फसल काटे जाने से पहले ही बर्बाद हो गई और खेत उजड़ गए. पानी भरे खेतों को रबी की बुवाई के लिए तैयार करना भी अब किसानों के लिए एक नई चुनौती रहेगी. अब सरकार की तरफ से मिलने वाला मुआवजा ही इन्हें राहत दे सकता है.
इधर, SDM बबेरू नमन मेहता ने आजतक को बताया कि तहसील क्षेत्र में नहर की सफाई के बाद पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों के खेतों में पानी भर गया है. नहर को जल्द बंद कराया जाएगा और तहसीलदार के साथ नहर विभाग के अफसरों को भेजकर जांच कराई जा रही है. सर्वे की जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों की मदद की जाएगी. उन्हें सरकार की तरफ से उचित मुआवजा दिया जाएगा.
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