मुजफ्फरनगर में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्तपहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. मुजफ्फरनगर के पुरकाजी खादर क्षेत्र में सोनाली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से हजारों बीघा कृषि भूमि पानी में डूब गई है. खेतों में खड़ी फसलों के जलमग्न होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है. वहीं, कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो गई है.
सोनाली नदी का जलस्तर बढ़ने से रामनगर, शेरपुर नगला, चंद्रावल, अमलावाला, जिन्दावल, रतनपुरी और भैसीवाला समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं. कई ग्रामीण मार्गों पर भी पानी भर गया है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है. फसलों को हुए संभावित नुकसान को लेकर क्षेत्र के किसान चिंतित हैं.
जलभराव के कारण रामनगर लिंक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. लोगों की आवाजाही बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने प्रभावित स्थान पर नाव और ट्रैक्टर की व्यवस्था की है ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी न हो.
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है. हालांकि, जिन गांवों के संपर्क मार्ग पानी से घिरे हैं, वहां की आबादी तक अभी पानी नहीं पहुंचा है. इसी वजह से फिलहाल किसी भी गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया है.
मुजफ्फरनगर सदर के एसडीएम प्रवीण त्रिवेदी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पुरकाजी खादर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है. अमलावाला, भैसीवाला, रामनगर सहित कई गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया गया. उन्होंने बताया कि रामनगर लिंक मार्ग पर पानी भरने के कारण वहां नाव की व्यवस्था कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं.
एसडीएम ने कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी भी गांव की आबादी (रिहायशी क्षेत्र) में पानी नहीं मिला है, इसलिए अभी लोगों को कहीं और शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है. प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं. तहसील प्रशासन और अन्य विभागों के कर्मचारी गांव-गांव जाकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. अगर कहीं भी हालात बिगड़ते हैं तो तत्काल जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
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