ICAR-IIVR द्वारा तीन कंपनियों के साथ 10 सब्जी प्रौद्योगिकियों के लाइसेंसिंग समझौतों पर हुआ हस्ताक्षर भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी ने भिंडी, लोबिया और कुकुरबिट्स के लाइसेंसिंग समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. चुनार के अदलपुरा स्थित IIVR में आयोजित कार्यक्रम में देश की 45 से अधिक प्रतिष्ठित बीज कंपनियों और कृषि-व्यवसाय संगठनों के 80 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान द्वारा विकसित उन्नत सब्जी फसल प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन, उद्योग जगत के साथ सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श तथा किसानों और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान को प्रोत्साहित करना था.
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने प्रतिभागी कंपनियों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा कृषि क्षेत्र में उद्योगों के साथ साझेदारी के महत्त्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान की वास्तविक सफलता तभी होती है, जब प्रयोगशालाओं एवं अनुसंधान केंद्रों में विकसित प्रौद्योगिकियां किसानों के खेतों तक पहुंचकर उनकी उत्पादकता, आय एवं आजीविका में सकारात्मक परिवर्तन लाएं.
डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद, सहयोग एवं साझेदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा कार्यक्रम में शामिल सभी कंपनियों एवं प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण आईसीएआर-आईआईवीआर द्वारा तीन कंपनियों के साथ 10 सब्जी प्रौद्योगिकियों के लाइसेंसिंग समझौतों पर हस्ताक्षर किया जाना रहा.
इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात के साथ टमाटर की ‘काशी आदर्श’, गाजर की ‘काशी अरुण’, कद्दू की ‘काशी बसंत’, इंडियन बीन की ‘काशी बौनी सेम-3’, लोबिया की ‘काशी कंचन’, खीरा संकर ‘काशी नूतन’, मिर्च संकर ‘काशी सुर्ख’ तथा बैंगन संकर ‘काशी उत्सव’ सहित आठ प्रौद्योगिकियों के लिए लाइसेंसिंग समझौते किए गए.
कंपनी की ओर से समर्थ पटेल ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसी क्रम में एग्रोविन एग्री सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, बेगूसराय, बिहार के साथ मटर की ‘काशी पूर्वी’ तथा देवा सीड्स, जालौन, उत्तर प्रदेश के साथ मटर की ‘काशी उदय’ के लाइसेंसिंग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. इन कंपनियों की ओर से उत्पल कुमार एवं लक्ष्मण गुर्जर ने समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इन समझौतों से संस्थान की उन्नत सब्जी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायिक उपयोग तथा किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में सहयोग को बल मिलेगा.
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