तिल की खेती को लेकर क्या है अंधविश्वासबिहार के गांवों में तिल की खेती को लेकर आज भी कई तरह की गलत बातें फैली हुई हैं. इन्हीं अंधविश्वासों की वजह से किसान तिल की उन्नत खेती नहीं कर पाते, जबकि यह फसल कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली है. इस खबर में हम बहुत आसान भाषा में समझेंगे कि तिल की खेती को लेकर क्या-क्या गलत धारणाएं हैं और उनकी सच्चाई क्या है.
तिल एक छोटी-सी फसल है, जिसके बीज बहुत काम के होते हैं. इससे तेल बनता है, मिठाइयों में इसका इस्तेमाल होता है और बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है. तिल की खेती ज्यादा पानी नहीं मांगती और कम समय में तैयार हो जाती है.
गांवों में यह माना जाता है कि अगर कोई किसान तिल की खेती करता है, तो उसके खेत में काम करने के लिए मजदूर नहीं मिलते. मजदूरों को लगता है कि तिल की फसल में काम करने से वे किसान के कर्जदार बन जाएंगे.
यह सिर्फ एक अंधविश्वास है. तिल की खेती में काम करने से कोई कर्जदार नहीं बनता. यह भी गेहूं, धान और मक्का जैसी ही एक सामान्य फसल है. सही जानकारी और समझ के बाद मजदूर भी इसमें काम करने को तैयार हो सकते हैं.
कुछ लोग मानते हैं कि अगर अच्छी जमीन में तिल बो दिया जाए, तो जमीन खराब हो जाती है और आगे कोई फसल नहीं उगती. कृषि वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि तिल की खेती से जमीन बंजर नहीं होती. बल्कि तिल ऐसी फसल है, जो कम उपजाऊ जमीन में भी अच्छी तरह उग जाती है. अगर यह बंजर जमीन में उग सकती है, तो अच्छी जमीन को कैसे खराब कर सकती है?
तिल की खेती किसानों के लिए बहुत लाभकारी है.
अंधविश्वास को खत्म करने के लिए सही जानकारी बहुत जरूरी है.
जब किसान खुद समझेंगे, तभी समाज में फैली गलत बातें खत्म होंगी.
अगर किसान सही तरीके से तिल की खेती करें, अच्छी बीज किस्में अपनाएं और सही समय पर बुवाई व कटाई करें, तो वे लाखों रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. साथ ही वे दूसरों के लिए भी मिसाल बन सकते हैं.
नहीं, तिल की खेती से जमीन बंजर नहीं होती. यह सिर्फ एक गलत धारणा है.
तिल की खेती बंजर और सामान्य दोनों तरह की जमीन में की जा सकती है.
हां, कम लागत और अच्छी कीमत के कारण तिल की खेती से अच्छा मुनाफा होता है.
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