USDA का अनुमान: दुनिया में इस साल बंपर गेहूं उत्पादन, चीन और भारत बनाएंगे रिकॉर्ड

USDA का अनुमान: दुनिया में इस साल बंपर गेहूं उत्पादन, चीन और भारत बनाएंगे रिकॉर्ड

USDA की नई रिपोर्ट के अनुसार इस साल दुनिया में 842 मिलियन टन बंपर गेहूं उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 42 मिलियन टन अधिक है. चीन और भारत रिकॉर्ड उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि पाकिस्तान में बाढ़ और आर्थिक संकट के कारण 2 मिलियन टन की गिरावट की आशंका जताई गई है. रूस, कनाडा और अर्जेंटीना जैसे देश भी वैश्विक उत्पादन में अहम भूमिका निभाएंगे.

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USDA का अनुमान: दुनिया में इस साल बंपर गेहूं उत्पादन, चीन और भारत बनाएंगे रिकॉर्डगेहूं फिर से तोड़ेगा पुराने रिकॉर्ड

दुनिया में इस बार बंपर गेहूं का उत्पादन होने का अनुमान है. इसे लेकर अमेरिका के कृषि विभाग USDA ने अनुमान जारी किया है. यूएसडीए की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में इस बार 842 मिलियन टन गेहूं का उत्पादन हो सकता है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 800 मिलियन टन था. इस हिसाब से मौजूदा साल में गेहूं की पैदावार में तकरीबन 42 मिलियन टन की बढ़ोतरी का अनुमान है. गेहूं उत्पादन के अव्वल देशों की बात करें तो इसमें चीन, भारत, रूस, कनाडा और अर्जेंटीन शामिल हैं.

USDA की रिपोर्ट बताती है कि इस साल चीन का गेहूं उत्पादन 140 मिलियन टन से अधिक रह सकता है जो पिछले साल 136 मिलियन टन था. यानी पिछले साल की तुलना में लगभग 4 मिलियन टन की तेजी रहेगी. यूरोपियन यूनियन के देशों में भी बंपर गेहूं की उपज रहेगी जिसमें लगभग 27 देश शामिल हैं. इन सभी देशों में गेहूं का कुल उत्पादन 144 मिलियन टन रहने की संभावना है. चौंकाने वाली बात है कि पूरा यूरोपियन यूनियन जितना गेहूं पैदा करता है, उसके बराबर अकेला चीन उत्पादन दे सकता है.

भारत में बढ़ेगा गेहूं उत्पादन

गेहूं उगाने में दूसरे नंबर पर भारत है जहां 118 मिलियन टन उत्पादन के आसार हैं. पिछली बार यह आंकड़ा 110 मिलियन टन था. इस लिहाज से भारत में भी उपज में बड़ी वृद्धि दर्ज की जा सकती है. यह वृद्धि 8 मिलियन टन (80 लाख टन) तक जा सकती है. यूएसडीए के अलावा भारत के अपने पूर्वानुमान भी इस बात का इशारा कर रहे हैं. 

भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक है. APEDA के मुताबिक, 2025-26 फसल वर्ष में गेहूं उत्पादन लगभग 116-122 मिलियन टन तक पहुंचने की उम्मीद है. इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, उसके बाद मध्य प्रदेश और पंजाब हैं. यह फसल फूड सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है, जो भारत के कुल फसल वाले एरिया का 13% है. भारत ने लगभग तीन साल तक गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा था, जिसे अभी हाल में कुछ शर्तों के साथ खोला गया है. गेहूं उत्पादन अगर रिकॉर्ड स्तर पर जाता है तो भारत निर्यात की सीमा को और आगे बढ़ा सकता है.

पाकिस्तान में गिरावट

अब बात भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की. यहां गेहूं उत्पादन को लेकर बुरी खबर है. जहां पूरी दुनिया में गेहूं उपज में वृद्धि है, तो वहीं पाकिस्तान में गिरावट दर्ज होने की आशंका है. यूएसडीए ने बताया है कि पाकिस्तान में इस बार 29 मिलियन टन उत्पादन संभव है जबकि पिछले साल 31 मिलियन टन था. यानी 2 मिलियन टन की गिरावट. पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था और खस्ताहाल खाद्य सुरक्षा के लिहाज से यह आंकड़ा परेशान करने वाला है.

पाकिस्तान की बहुसंख्यक आबादी गेहूं के आटा और उससे बने प्रोडक्ट पर आश्रित है. बड़े हिस्से में भुखमरी की समस्या भी देखी जा रही है. इस लिहाज से उत्पादन में गिरावट भविष्य में बड़ी चुनौती पेश कर सकती है. हाल के महीनों में पाकिस्तान के कई इलाकों में आई बाढ़ को गेहूं उत्पादन में गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है.

रूस, अर्जेंटीना का क्या हाल

भारत के बाद गेहूं उत्पादन में रूस बड़ी भूमिका निभा सकता है. ताजा अनुमान बताते हैं कि इस बार रूस में  लगभग 90 मिलियन टन उत्पादन हो सकता है. हालांकि रूस में भी पिछले साल की तुलना में इस बार गिरावट दर्ज होने की आशंका है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस का गेहूं उत्पादन इस साल 91 मिलियन टन से घटनकर 89 मिलियन टन रह सकता है. लगभग 2 मिलियन टन का नुकसान यहां देखा जा सकता है. वजह क्या है, अभी कुछ साफ नहीं है.

कनाडा में बढ़ रही पैदावार

कनाडा में गेहूं का उत्पादन बहुत अच्छा रह सकता है और यह आंकड़ा 40 मिलियन टन तक जा सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि पिछले साल की तुलना में 6 मिलियन की बढ़ोतरी है. कनाडा में साल दर साल गेहूं की पैदावार में बंपर वृद्धि दर्ज की जा रही है. अर्जेंटीन के साथ भी यही बात है. यहां पिछले दो साल की तुलना में गेहूं उत्पादन में लगभग दोगुना का उछाल है. इस बार यह आंकड़ा 27 मिलियन टन रहेगा जबकि दो साल पहले 15 मिलियन टन से थोड़ा अधिक था. पिछले साल अर्जेंटीना का गेहूं उत्पादन लगभग 19 मिलियन टन था. ब्राजील में हल्की बढ़ोतरी के साथ इस बार गेहूं उत्पादन 8 मिलियन टन तक जा सकता है.

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