Wheat Price: महाराष्ट्र में 6000 रुपये प्रति क्विंटल हुआ शरबती गेहूं का दाम, जानिए प्रमुख मंडियों के भाव

Wheat Price: महाराष्ट्र में 6000 रुपये प्रति क्विंटल हुआ शरबती गेहूं का दाम, जानिए प्रमुख मंडियों के भाव

राज्य में जहां सामान्य गेहूं की कीमत 2300 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रही है वहीँ शरबती गेहूं का दाम 6000 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया है. शरबती गेहूं सामान्य किस्मों के मुकाबले लगभग दोगुने दाम पर बिकता है.

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Wheat Price: महाराष्ट्र में 6000 रुपये प्रति क्विंटल हुआ शरबती गेहूं का दाम, जानिए प्रमुख मंडियों के भावगेहूं का मंडी भाव

महाराष्ट्र में गेहूं के दाम का रोजाना नया रिकॉर्ड बन रहा है. राज्य में सामान्य किस्मों से लेकर शरबती तक सब तरह के गेहूं के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है. महाराष्ट्र गेहूं उत्पादक प्रमुख राज्यों में शामिल नहीं है, लेकिन यहां चावल के साथ रोटी खाने वालों की भी बड़ी संख्या है इसलिए इसके दाम में वृद्धि हो रही है. राज्य में जहां सामान्य गेहूं की कीमत 2300 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रही है वहीँ शरबती गेहूं का दाम 6000 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया है. शरबती गेहूं सामान्य किस्मों के मुकाबले लगभग दोगुने दाम पर बिकता है. स्वाद और गुणवत्ता में अच्छा होने के कारण राज्य के लोग इस किस्म के गेहूं की रोटी खाना पसंद करते हैं.

राज्य में मुख्य तौर पर प्याज, सोयाबीन, गन्ना, कपास, अंगूर और अनार की खेती होती है. गेहूं पर किसान जोर नहीं देते. महाराष्ट्र एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के अनुसार 27 मई को पुणे मंडी में शरबती गेहूं का न्यूनतम दाम 4000, अधिकतम 6000 और औसत 5000 रुपये क्विंटल रहा, जबकि 391 क्विंटल की बंपर आवक हुई थी. हालांकि नागपुर में एक ही दिन में 1000 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसकी वजह से दाम कम हो गए. न्यूनतम दाम 3100, अधिकतम 3500 और औसत दाम 3400 रुपये प्रति क्विंटल रहा. शरबती गेहूं यहां मध्य प्रदेश से आता है, जिसे जीआई टैग मिला हुआ है.

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महाराष्ट्र में क्यों महंगा है गेहूं?

राज्य में गेहूं की खेती करने के लिए अनुकूल मौसम और मिट्टी मौजूद है, फिर भी यहां के किसान इसकी खेती पर ज्यादा जोर नहीं देते. इसीलिए महाराष्ट्र में देश का मुश्किल से 2 से 2.5 फीसदी ही गेहूं पैदा होता है. राज्य में सिर्फ 9 से 11 लाख हेक्टेयर के बीच में ही गेहूं की खेती होती है. इसलिए यहां गेहूं की मांग पूरा करने के लिए मुख्य तौर पर मध्य प्रदेश से गेहूं बिकने जाता है, जिसकी वजह से उसका दाम महंगा हो जाता है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र में गेहूं एक माइनर क्रॉप है. यहां इसकी खेती ब‍िजनेस के ल‍िए नहीं की जाती. यहां क‍िसानों को गेहूं उत्पादन की लागत यूपी, एमपी और हरियाणा, पंजाब से बहुत ज्यादा आती है इसलिए इसका दाम यहां महंगा हो जाता है.  

किस मंडी में कितना है दाम  

  • पालघर मंडी में 27 मई को 60, क्विंटल गेहूं की आवक हुई. न्यूनतम दाम 3045, अधिकतम 3045 और औसत दाम 3045 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
  • बर्शी में मात्र 9 क्विंटल गेहूं की आवक हुई. न्यूनतम दाम सिर्फ 3200, अधिकतम 4000 और औसत 3400 रुपये क्विंटल रहा.
  • राहता में 28 क्विंटल गेहूं की आवक हुई. न्यूनतम दाम सिर्फ 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा. अधिकतम दाम भी बहुत कम सिर्फ 2780 और औसत दाम 2595 रुपये क्विंटल रहा.
  • अमरावती मंडी में 474 क्विंटल गेहूं की आवक हुई.  न्यूनतम दाम सिर्फ 2450, अधिकतम 2800 और औसत दाम 2625 रुपये क्विंटल रहा.

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