अंगूर की फसलमहाराष्ट्र के सोलापुर जिले में असमय बारिश और जोरदार ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें मोहोल तालुका का पापरी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. अचानक आई इस आपदा से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है और फलों के बाग को भारी झटका लगा है. पापरी क्षेत्र की अंगूर की बाग पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं. वहीं, किशमिश (बेदाना) उत्पादन को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है. ओलों की मार से अंगूर के गुच्छे जमीन पर गिरकर नष्ट हो गए हैं, जबकि कई बागों को भारी क्षति पहुंची है. इससे किसान काफी परेशान हैं और आर्थिक संकट की आशंका जता रहे हैं.
खास बात यह है कि रातभर हुई ओलावृष्टि के बर्फ सुबह तक भी नहीं पिघले थे, जिससे इसकी तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है. ऐसे में फसलों के नुकसान को लेकर किसानों ने प्रशासन से तुरंत पंचनामा कर नुकसान भरपाई देने की मांग की है.
बारिश से खराब हुई फसल के पीड़ित किसान संजय गायकवाड ने कहा कि इतनी तेज बारिश हुई, इतना बड़ा तूफान आया कि लोगों का कुछ भी नहीं बचा, शेड उड़ गए, खेती का बहुत बड़ा नुकसान हुआ, अमरूद की फसल का भारी नुकसान हुआ, अंगूर की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई, और इतनी बड़ी ओलावृष्टि शुरू हुई कि मैंने अपने जीवन में कभी इतने बड़े ओले नहीं देखे थे. इतने बड़े-बड़े ओले गिरने लगे कि रात 12 बजे जो ओले गिरे थे, 13–14 घंटे बाद भी वैसे के वैसे पड़े हुए हैं.
उन्होंने कहा कि इतना खर्च करके किसान फसल उगाता है, इसलिए सरकार को किसानों पर ध्यान देना चाहिए, फसल तैयार करने के लिए किसानों को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, मजदूरों की भी बड़ी समस्या है, इसलिए बाहर से मजदूर लाकर उनके रहने की व्यवस्था भी किसानों ने की, अगर इस तरह से बेमौसम बारिश से किसानों का नुकसान होता है, तो सरकार को किसानों के लिए कुछ करना चाहिए, सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए.
वहीं, पिछले हफ्ते हुई बारिश से छत्रपति संभाजी नगर जिले के साजखेडा और आसपास के गांवों में हालात और भी खराब हैं. एक किसान ने बताया कि उनके ढाई एकड़ खेत में करीब 50 क्विंटल गेहूं का नुकसान हुआ है और अब फसल बेचने पर भी उचित दाम मिलने की उम्मीद नहीं है. वहीं, एक दूसरे किसान ने कहा कि उनके मोसंबी के बाग में लगे छोटे-छोटे फल तेज बारिश और ओलावृष्टि से टूटकर गिर गए, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई है. (विजयकुमार रामचंद्र बाबर की रिपोर्ट)
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