यूपी में पहली बार महिला गन्ना किसानों को मिली मजबूती, बीज उत्पादन से करोड़ों का कारोबार, जानें कैसे?

यूपी में पहली बार महिला गन्ना किसानों को मिली मजबूती, बीज उत्पादन से करोड़ों का कारोबार, जानें कैसे?

Sugarcane cultivation: मामले में गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में पहली बार योगी सरकार के दौरान महिला किसानों को पर्ची में प्राथमिकता दी गई है. इससे प्रदेश की लगभग डेढ़ लाख महिला गन्ना लघु किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. इस निर्णय ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और उन्हें खेती में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है.

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यूपी में पहली बार महिला गन्ना किसानों को मिली मजबूती, बीज उत्पादन से करोड़ों का कारोबार, जानें कैसे?गन्ना बीज उत्पादन कर 37 जिलों की 57 हजार से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं बनीं सफल उद्यमी (सांकेतिक तस्‍वीर)

उत्तर प्रदेश में गन्ना की खेती के क्षेत्र में महिलाओं ने अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए नया इतिहास रच दिया है. योगी सरकार में प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाएं गन्ना उत्पादन से जुड़कर सफल उद्यमी बन चुकीं हैं. इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है. प्रदेश में वर्ष 2020-21 में शुरू किए गए 'उन्नत गन्ना बीज वितरण कार्यक्रम' से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. इस योजना के तहत 37 गन्ना आच्छादित जिलों में 3,163 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया. इनमें 57,322 महिलाओं को स्वरोजगार मिला है. साथ ही इस पहल से अब तक लगभग साढ़े चार लाख से अधिक रोजगार पैदा हुए है.

महिलाओं को मिली प्राथमिकता, बढ़ा आत्मविश्वास

मामले में गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में पहली बार योगी सरकार के दौरान महिला किसानों को पर्ची में प्राथमिकता दी गई है. इससे प्रदेश की लगभग डेढ़ लाख महिला गन्ना लघु किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. इस निर्णय ने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है और उन्हें खेती में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया है.

महिलाओं की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत

गन्ना आयुक्त ने बताया कि इस योजना में सामाजिक समावेशन का भी विशेष ध्यान रखा है. इसमें 10,270 अनुसूचित जाति और 130 अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को शामिल किया गया है, जो अब आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहीं हैं.

समूहों ने अब तक तैयार किए 60.73 करोड़ गन्ना बीज 

महिला स्वयं सहायता समूहों ने अब तक 60.73 करोड़ गन्ना बीज तैयार किए हैं. इसके बदले उन्हें 77.83 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है. इससे ग्रामीण महिलाओं को बड़े स्तर पर आर्थिक लाभ मिला है और वे अब कृषि आधारित उद्यमिता की नई पहचान बना रहीं हैं.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई दिशा

गन्ना खेती में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से प्रदेश में न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिली है. योगी सरकार की इस पहल ने यह साबित किया है कि सही अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिख सकतीं हैं.

महिलाओं को ऋण और अन्य सुविधाएं 

गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए गन्ना विभाग ने ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ एक एमओयू किया है. जिसके तहत समितियों में प्रेरणा कैंटीन चलाई जाएंगी. इसके अंतर्गत महिलाओं को ऋण एवं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनके रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी.

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