धान खरीद में तेलंगाना ने बनाया अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, 75 लाख टन की खरीद

धान खरीद में तेलंगाना ने बनाया अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, 75 लाख टन की खरीद

तेलंगाना ने रबी सीजन 2026 में धान खरीद का नया रिकॉर्ड बनाते हुए 75 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है. राज्य सरकार ने किसानों को MSP का लाभ दिलाने के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी उठाया. तेलंगाना देश का सबसे बड़ा रबी धान खरीदने वाला राज्य बनकर उभरा है, जिससे लाखों किसानों को सीधा फायदा मिला है.

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धान खरीद में तेलंगाना ने बनाया अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, 75 लाख टन की खरीदतेलंगाना में रिकॉर्ड 75 लाख टन धान की खरीद

तेलंगाना सरकार ने इस साल धान खरीद के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है. राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि यासांगी (रबी) सीजन के दौरान सरकार ने अब तक 75 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है. यह राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी धान खरीद मानी जा रही है.

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना के लिए केवल 52 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया था, लेकिन राज्य सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए उससे कहीं अधिक धान खरीदा. आने वाले दिनों में 1 से 2 लाख मीट्रिक टन और धान खरीद केंद्रों पर पहुंचने की संभावना है.

किसानों से किया वादा निभाया

राज्य सरकार का कहना है कि उसने किसानों से किया अपना वादा पूरा किया है. सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि खरीद केंद्रों पर जो भी किसान अपना धान लेकर आए, उसकी पूरी फसल खरीदी जाए. सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाना और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी से बचाना था.

मंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार किसानों की सुरक्षा और उनके हितों को सबसे पहले रखती है. इसी कारण सरकार ने हर दाना खरीदने का फैसला लिया.

MSP देने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम

धान खरीद के दौरान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ा. मंत्री के अनुसार, इस सीजन में सरकार पर लगभग 6,650 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है.

इसके बावजूद सरकार ने किसानों को MSP का पूरा लाभ देने का निर्णय लिया. सरकार का मानना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.

देश में सबसे आगे निकला तेलंगाना

उत्तम कुमार रेड्डी ने दावा किया कि तेलंगाना अब देश का सबसे बड़ा रबी धान उत्पादक और खरीद करने वाला राज्य बन गया है. उन्होंने बताया कि देशभर में यासांगी सीजन के दौरान खरीदे गए कुल धान का लगभग 61 प्रतिशत हिस्सा अकेले तेलंगाना से आया है.

तुलना करें तो आंध्र प्रदेश में लगभग 25 लाख मीट्रिक टन, तमिलनाडु में 12 लाख मीट्रिक टन, महाराष्ट्र में 5 लाख मीट्रिक टन, ओडिशा में 4 लाख मीट्रिक टन और केरल में 2 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया. इससे साफ है कि तेलंगाना इस क्षेत्र में सबसे आगे है.

बारिश से प्रभावित धान भी खरीदा गया

इस सीजन में कई जगहों पर बारिश के कारण धान भीग गया था. इसके बावजूद सरकार ने किसानों को राहत देते हुए लगभग 12,557 मीट्रिक टन बारिश से प्रभावित धान भी MSP पर खरीदा.

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि खरीदे गए धान को 12 घंटे के भीतर उबले चावल (Boiled Rice) मिलों तक पहुंचा दिया जाए, ताकि किसानों को नुकसान न हो.

हजारों खरीद केंद्रों का नेटवर्क

धान खरीद को आसान बनाने के लिए तेलंगाना में 8,575 खरीद केंद्र चलाए गए. यह देश के सबसे बड़े खरीद नेटवर्क में से एक माना जा रहा है.

इस पूरे अभियान में लगभग 2 लाख लोगों ने काम किया. इनमें नागरिक आपूर्ति विभाग के कर्मचारी, जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन कर्मी, मिलर, गोदाम एजेंसियां, महिला समूह और PACS के सदस्य शामिल रहे.

केंद्र सरकार से की मांग

मंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की कि तेलंगाना द्वारा खरीदे गए पूरे धान को MSP नीति के तहत खरीदा जाए. उनका कहना है कि राज्य सरकार किसानों के हित में अतिरिक्त खर्च उठा रही है, इसलिए केंद्र को भी पूरा सहयोग देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने केंद्र द्वारा तय सभी नियमों का पालन किया है. इसलिए राज्य में खरीदे गए पूरे धान को स्वीकार किया जाना चाहिए.

किसानों के लिए बड़ी राहत

तेलंगाना में रिकॉर्ड धान खरीद किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी नहीं हुई और उन्हें MSP का लाभ मिला. सरकार का दावा है कि इस कदम से लाखों किसानों की आय सुरक्षित हुई है और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है. राज्य सरकार का मानना है कि किसान खुशहाल होंगे तो कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी. यही कारण है कि तेलंगाना सरकार लगातार किसानों के हित में फैसले लेने का दावा कर रही है.

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