सूखे की मार से कम हुआ गन्ना उत्पादन, क‍िसानों और चीनी म‍िलों दोनों पर संकट 

सूखे की मार से कम हुआ गन्ना उत्पादन, क‍िसानों और चीनी म‍िलों दोनों पर संकट 

सूखे के बाद उत्पादन में कमी के कारण न स‍िर्फ गन्ना क‍िसानों बल्क‍ि चीनी म‍िलों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.चीनी मिलों को म‍िल चलाने के ल‍िए पर्याप्त गन्ना नहीं म‍िल रहा है. इसलिए अधिकतर फैक्ट्रियां गन्ने को पकने से पहले ही गन्ने की कटाई करवा रही हैं. जान‍िए क‍िसानों को क‍ितना म‍िल रहा है भाव. 

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सूखे की मार से कम हुआ गन्ना उत्पादन, क‍िसानों और चीनी म‍िलों दोनों पर संकट Sugarcane production reduced due to drought

महाराष्ट्र के बीड में इस साल अच्छी बारिश की उम्मीद पर जिले के किसानों ने गन्ने की अच्छी खासी खेती की थी. हालांकि बारिश कम होने से गन्ने का उत्पादन कम हो गया और क‍िसानों की उम्मीदों पर पानी फ‍िर गया. अब चीनी मिल सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेक‍िन गन्ना उत्पादन में कमी के कारण यहां की चीनी म‍िलें गन्ने की कमी का सामना कर रही हैं. कारखानों को मुश्क‍िल से गन्ना म‍िल रहा है. इसलिए फैक्ट्री कर्मचारी गन्ना के ल‍िए क‍िसानों की स‍िफार‍िश कर रहे हैं. इस बीच किसानों के बीच इस बात की चर्चा है कि जो फैक्ट्री सबसे ज्यादा कीमत देगी, उसे गन्ना दिया जाएगा. 

गन्ने की फसल को अच्छा खासा पानी चाह‍िए होता है. जबक‍ि अलनीलो के असर की वजह से इस साल महाराष्ट्र में बार‍िश बहुत कम हुई. कई क्षेत्रों में सूखा पड़ गया. किसानों को उम्मीद थी कि बरसात के मौसम में स‍िंचाई वाले कूओं को पानी मिल जाएगा. हालांकि उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई. परिणामस्वरूप, गन्ने में पानी की कमी के कारण गन्ने की वृद्धि रुक ​​गई और उत्पादन में भारी कमी आ गई. परिणामस्वरूप, कारखानों को गन्ना नहीं मिल रहा है. इस वर्ष बार‍िश की कमी से अगले वर्ष बुआई कम हो जाएगी, ऐसी भी उम्मीद जताई जा रही है. क्योंक‍ि एक साल के सूखे से क‍िसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसलिए अगले साल भी गन्ने की कमी रहेगी.

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पकने से पहले ही गन्ना काटने पर मजबूर हैं क‍िसान 

सूखे के बाद उत्पादन में कमी के कारण न स‍िर्फ गन्ना क‍िसानों बल्क‍ि चीनी म‍िलों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.चीनी मिलों को म‍िल चलाने के ल‍िए पर्याप्त गन्ना नहीं म‍िल रहा है. इसलिए अधिकतर फैक्ट्रियां गन्ने को पकने से पहले ही गन्ने की कटाई करवा रही हैं. ब‍िल्कुल नया गन्ना होने की वजह से चीनी र‍िकवरी पर असर पड़ रहा है. गन्ना बहुत कम है इसल‍िए मजदूरों को भी काम नहीं म‍िल रहा है. इसलिए बीड जिले के मजदूर गन्ना कटाई के लिए दूसरे इलाकों में चले गए हैं. किसान और म‍िल अधिकारी गन्ना काटने वाले मजदूरों को इसल‍िए अध‍िक मेहनताना देकर रोक रहे हैं.  

गन्ने का क‍ितना म‍िल रहा है भाव 

गेवराई तालुका में जयभवानी सहकारी चीनी फैक्ट्री ने गन्ने की कीमत 2700 रुपये प्रति टन तक की घोषणा की है. तालुका क्षेत्र में तीन निजी कारखाने हैं. इन फैक्ट्रियों ने करीब 2700 रुपए कीमत की घोषणा भी कर दी है. गंगई शुगर फैक्ट्री ने गन्ना मूल्य 2700 रुपये प्रति टन घोषित किया है. जबक‍ि येदेश्वरी शुगर फैक्ट्री ने 2750 रुपये प्रत‍ि टन के रेट की घोषणा की है. माजलगांवकी जननायक सुंदरराव सोलंके सहकारी सास्वर फैक्ट्री ने गन्ने की कीमत 2700 रुपये से लेकर 2900 रुपये प्रति टन तक घोषित की है.

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