Kharif Sowing: सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली के भाव में तेजी, खरीफ सीजन में रकबा बढ़ने के संकेत

Kharif Sowing: सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली के भाव में तेजी, खरीफ सीजन में रकबा बढ़ने के संकेत

खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले तिलहनी फसलों के बाजार में तेजी ने किसानों का रुझान बदलना शुरू कर दिया है. सोयाबीन, मूंगफली और सूरजमुखी के मजबूत भाव के बीच कई राज्यों में बुआई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. उद्योग जगत ने भी उत्पादन बढ़ने की संभावना जताई है.

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सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली के भाव में तेजी, खरीफ सीजन में रकबा बढ़ने के संकेततिलहन फसलों की खेती बढ़ने के आसार (सांकेतिक तस्‍वीर)

खरीफ सीजन की बुआई शुरू होने से पहले प्रमुख तिलहनी फसलों के बाजार भाव में आई तेजी किसानों के फैसलों को प्रभावित करती दिख रही है. सोयाबीन और मूंगफली जैसी फसलों के दाम पिछले साल की तुलना में ऊंचे बने हुए हैं, जिससे कई राज्यों में किसान इस बार तिलहनी फसलों की खेती बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं. व्यापार से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर मौजूदा रुझान बना रहा तो प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में बुआई का दायरा बढ़ सकता है.

मांग और आपूर्ति के दबाव से मजबूत हुआ सोयाबीन बाजार

हाल के महीनों में सोयाबीन के दाम में लगातार मजबूती दर्ज की गई है. इसकी वजह घरेलू बाजार में मांग और उपलब्धता के बीच बना दबाव माना जा रहा है. जून की शुरुआत तक इंदौर मंडी में सोयाबीन के भाव करीब 68 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले काफी अधिक रहे. मौजूदा भाव सरकार द्वारा 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,708 रुपये प्रति क्विंटल से भी ऊपर चल रहे हैं. इससे किसानों को बेहतर आय की उम्मीद दिखाई दे रही है.

उत्पादक राज्यों में बढ़ सकती है सोयाबीन की बुआई

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के कार्यकारी निदेशक डी. एन. पाठक ने कहा कि सोयाबीन उत्पादक सभी राज्यों में क्षेत्रफल बढ़ने की संभावना दिख रही है. हालांकि, अभी यह बताना जल्दबाजी होगी कि वृद्धि कितनी होगी. शुरुआती संकेत किसानों के बढ़ते रुझान की ओर इशारा कर रहे हैं.

कर्नाटक में बीज खरीदने की बढ़ी हलचल

कर्नाटक में सोयाबीन की बुआई शुरू हो चुकी है और कुछ जिलों में किसानों के बीच बीज खरीदने की तेजी देखी जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, हावेरी जैसे क्षेत्रों में किसानों की सक्रियता बढ़ी है. इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि किसान इस बार बाजार के बेहतर भाव को ध्यान में रखकर फसल चयन कर रहे हैं.

मूंगफली और सूरजमुखी में भी दिख रही मजबूती

मूंगफली के दाम भी पिछले साल के मुकाबले ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. सौराष्ट्र क्षेत्र में कीमतों में मजबूती देखने को मिली है. हालांकि, यह हाल में नए सीजन के लिए घोषित समर्थन मूल्य से थोड़ा नीचे रही. दूसरी ओर सूरजमुखी के भाव भी कर्नाटक और महाराष्ट्र में पिछले साल के मुकाबले बेहतर स्तर पर बने हुए हैं, जिससे किसानों का भरोसा बढ़ा है.

बेहतर कीमतें बढ़ा सकती हैं तिलहन उत्पादन

वहीं, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अध्यक्ष संजीव अस्थाना ने हाल ही में अपने सदस्यों को लिखे पत्र में कहा कि लगातार अच्छे दाम और बाजार में सुधरती धारणा आगामी खरीफ सीजन में किसानों को तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है. 

उन्होंने कहा कि इससे लंबी अवधि में देश के घरेलू तिलहन उत्पादन को सहारा मिल सकता है. अस्थाना ने यह भी कहा कि सूरजमुखी के लिए बढ़े हुए समर्थन मूल्य ने किसानों को अतिरिक्त भरोसा दिया है और इससे सूरजमुखी के साथ अन्य तिलहनी फसलों की खेती को भी बढ़ावा मिल सकता है.

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