PM Fasal Bima Yojana: 'PM फसल बीमा योजना में कॉफी भी करें शामिल,' प्रियंका गांधी ने सरकार से लगाई ये गुहार

PM Fasal Bima Yojana: 'PM फसल बीमा योजना में कॉफी भी करें शामिल,' प्रियंका गांधी ने सरकार से लगाई ये गुहार

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि कॉफी बोर्ड ने कॉफी को फसल बीमा योजना में शामिल करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है. प्रियंका गांधी ने लिखा कि मैं आपसे यह भी अनुरोध करना चाहूंगी कि कॉफी किसानों की प्रोडक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद करने के लिए मौजूदा स्कीमों में बताई गई शर्तों में बदलाव करने पर विचार करें.

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'PM फसल बीमा योजना में कॉफी भी करें शामिल,' प्रियंका गांधी ने सरकार को चिट्ठी में क्या लिखा?कॉफी को फसल बीमा योजना में शामिल करने की अपील

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) में कॉफी की खेती को शामिल करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को खराब मौसम की वजह से फसल खराब होने पर आर्थिक मदद मिलेगी. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री को लिखे एक लेटर में प्रियंका गांधी ने कहा कि उनके वायनाड निर्वाचन क्षेत्र के कॉफी उत्पादकों ने अपनी कॉफी की क्वालिटी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हासिल की है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में खेती होने की वजह से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

सब्सिडी लेने की शर्तों में बदलाव का अनुरोध

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि कॉफी बोर्ड ने कॉफी को फसल बीमा योजना में शामिल करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है. उन्होंने अपने लेटर में कहा कि कॉफी किसानों को दोबारा पौधे लगाने के लिए दी जाने वाली मौजूदा सब्सिडी इस शर्त पर है कि वे पुराने पौधों को पूरी तरह से उखाड़ दें. हालांकि यह पहले दोबारा पौधे लगाने का तरीका था, लेकिन कॉफी किसानों ने ग्राफ्टिंग जैसे दूसरे तरीके अपना लिए हैं, जिनमें दोबारा पौधे लगाने के लिए कॉफी के पौधों को पूरी तरह से उखाड़ने की जरूरत नहीं होती है.  उन्होंने केंद्र से सब्सिडी लेने की शर्तों में बदलाव करने का अनुरोध किया. 

आदिवासी कॉफी किसानों के लिए क्या लिखा?

इसके अलावा प्रियंका ने वायनाड में आदिवासी कॉफी किसानों की खराब हालत की ओर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान दिलाया, और कहा कि हालांकि सरकारी योजना उन्हें सिंचाई के लिए अतिरिक्त सब्सिडी देती है, लेकिन इस पर मौजूदा लिमिट "सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में निवेश करने की उनकी क्षमता को कम करती है". उन्होंने अपने पत्र में कहा कि मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि इस लिमिट को बढ़ाने पर विचार करें ताकि आदिवासी किसानों के लिए इस सब्सिडी का फायदा उठाना संभव हो सके. प्रियंका ने गोयल से अनुरोध किया कि वे उनके प्रस्तावों पर गौर करें और मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए तुरंत कदम उठाएं.

प्रियंका गांधी ने लिखा कि मैं आपसे यह भी अनुरोध करना चाहूंगी कि कॉफी किसानों की प्रोडक्टिविटी बेहतर बनाने में मदद करने के लिए मौजूदा स्कीमों में बताई गई शर्तों में बदलाव करने पर विचार करें. भारत में कॉफी सेक्टर को मजबूत करने की आपकी कोशिशें कॉफी किसानों के लिए मददगार रही हैं. प्रियंका ने लिखा कि यह कदम उन्हें उन चुनौतियों का सामना करने के लिए जरूरी अतिरिक्त सपोर्ट देगा. मैं कॉफी किसान समुदाय को विश्व स्तर पर मुकाबला करने में मदद करने वाली पहलों के लिए कोई भी जानकारी देने और अपना सपोर्ट देने में खुशी महसूस करूंगी. 

FAQ:
Q1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देने की योजना है.

Q2. इस योजना में किस तरह का नुकसान कवर होता है?
सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट-रोग और प्राकृतिक आपदाएं.

Q3. किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
खरीफ में 2%, रबी में 1.5%, बागवानी फसलों में 5%.

Q4. बीमा राशि कब मिलती है?
नुकसान के आकलन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है.

Q5. इस योजना से किसानों को क्या फायदा है?
फसल खराब होने पर आय की गारंटी और जोखिम से सुरक्षा.

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