
भारत-यूके CETA के प्रभावी होने से उत्तर प्रदेश के आम को मिला ग्लोबल बाजारउत्तर प्रदेश की कृषि उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में शुक्रवार को एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रयास से तथा भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (India-UK CETA) के प्रभावी होने के बाद उत्तर प्रदेश से यूनाइटेड किंगडम के लिए ताजे चौसा आमों की पहली निर्यात खेप का फ्लैग ऑफ उद्यान निदेशालय, लखनऊ से किया गया.
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सेरेमनी में हरी झंडी दिखाकर 1,200 किलोग्राम ताजे चौसा आमों की खेप को यूके के लिए रवाना किया. यह खेप PSPG Consultancy Services Pvt. Ltd. द्वारा निर्यात की जा रही है. यह CETA लागू होने के बाद प्रदेश से यूके के लिए भेजी जा रही ताजे आमों की पहली खेप है. इस अवसर पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे राज्य की उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाकर उसका मूल्य संवर्धन किया जाना ही हमारा उद्देश्य है. इसी उद्देश्य से आज उद्यान विभाग द्वारा यूनाइटेड किंगडम को आम निर्यात के लिए फ्लैग ऑफ किया गया है.
उन्होंने बताया कि उद्यान मंत्री के रूप मे डोमेस्टिक एक्सपोर्टर्स को गांव-गांव में तैयार किया है. पहले बड़े शहरों में ही एक्सपोर्टर मिलते थे, आज हमारे 825 ब्लॉकों में लगभग हर ब्लॉक में एक एक्सपोर्टर मिल जाएगा.

निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग में औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों को मार्ग प्रशस्त करता है कि किस उपज को दुनिया के किस बाजार तक पहुंचाया जा सकता है और कितना मूल्य संवर्धन होगा.
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जितनी भी सरप्लस उपज हमारे राज्य के उपभोग से अधिक होती है, उसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के ठोस प्रयास योगी सरकार में किए गए हैं, जिससे हमारा निर्यात उत्तरोत्तर बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्वयं दो टन दशहरी आम लेकर मास्को गए थे, तब से आज तक एयरपोर्ट का कोई जहाज ऐसा नहीं जिस पर हमारा दशहरी न जा रहा हो, वहीं दुबई में तो रेगुलर हमारा आम जाता है.
उद्यान निदेशक बीपी राम ने बताया कि इस समझौते के अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम ने भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकांश उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच प्रदान की है, जिससे भारतीय कृषि, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी तथा किसानों, एफपीओ, कृषि उद्यमियों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख बागवानी एवं आम उत्पादक राज्यों में से एक है तथा राज्य के चौसा एवं दशहरी आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं.
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