हरियाणा में आम की होगी अच्छी उपज. (सांकेतिक फोटो)हरियाणा के यमुनानगर जिले में लंबे समय तक चली भीषण गर्मी के बावजूद भी आम के बंपर उत्पादन की उम्मीद की जा रही है. इस साल अधिकांश बागों में आम के पेड़ फलों से लदे हुए हैं और बुधवार रात को हुई बारिश से फलों की वृद्धि में मदद मिलेगी. ऐसे में बंपर फसल की संभावना बढ़ गई है. किसान गुलाब सिंह का कहना है कि इस बार लंबे समय तक भीषण लू चली है. हालांकि, इसके बावजूद भी आम के फलों की वृद्धि पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है. हमें उम्मीद है कि जिले में हाल ही में हुई बारिश के कारण फलों के आकार में वृद्धि होगी.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 6,037 हेक्टेयर में आम की खेती की जाती है, जो राज्य में फसल का सबसे बड़ा क्षेत्र है. यमुनानगर के जिला बागवानी अधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि जिले की जमीन आम की फसल के लिए उपयुक्त है. उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिला अच्छी गुणवत्ता वाले आमों के लिए जाना जाता है. अधिकांश किसान दशहरी, लंगड़ा और चौसा किस्मों की खेती करते हैं. किसानों ने कहा कि अधिकांश आम के बागों में पेड़ फलों से लदे हुए हैं. इसलिए उन्हें इस साल अच्छी फसल की उम्मीद है.
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कलसर गांव के किसान गुलाब सिंह ने कहा कि लंबे समय तक चली भीषण गर्मी ने आम के फलों की वृद्धि पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला है. लेकिन, हमें उम्मीद है कि जिले में हाल ही में हुई बारिश के कारण फलों के आकार में वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि उनका परिवार कलसर गांव में 42 एकड़ में आम उगा रहा है. बेगमपुर गांव के किसान पंकज चौधरी ने कहा किपिछले साल जिले में आम की कम पैदावार हुई थी, क्योंकि आंधी के कारण बड़ी मात्रा में फल अपरिपक्व अवस्था में ही गिर गए थे. लेकिन, सौभाग्य से, इस साल कोई तेज आंधी नहीं आई.
जिला बागवानी अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस साल प्रति हेक्टेयर 200 क्विंटल उपज की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग इस जिले में आम की फसल के तहत क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि 6,037 हेक्टेयर के साथ, जिले में राज्य में आम की फसल के तहत सबसे अधिक क्षेत्र है. हम क्षेत्र बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं. सरकार आम के पेड़ लगाने पर सब्सिडी दे रही है.
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