हरियाणा में धान खरीद को लेकर क्या हैं तैयारियां. (सांकेतिक फोटो)हरियाणा में इस साल खरीफ फसलों की बंपर खरीद की जाएगी. इसके लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं. कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत केंद्रीय और राज्य पूल के लिए 60 लाख मीट्रिक टन धान और 3.83 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद की जाएगी. खास बात यह है कि खरीफ फसलों की खरीद के लिए प्रदेश की मंडियों में बारदाने एवं भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. मंडी में आने वाले किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा का राज्य में आगामी खरीफ खरीद सीजन की तैयारियों पर पूरी नजर है. उन्होंने इसको लेकर एक समीक्षा बैठक भी की है. बैठक में सभी खरीद एजेंसियों के प्रमुख, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, कृषि और किसान कल्याण विभाग, भारतीय खाद्य निगम (पंचकूला) और राज्य के चावल मिल मालिकों के प्रमुख शामिल हुए.
ये भी पढ़ें- लखपति योजना की 11 लाख लाभार्थियों को सर्टिफिकेट मिले, पीएम ने कहा- ये दीदियां गांव के अर्थतंत्र को बदल रहीं
बैठक के दौरान खरीफ सीजन के सुचारू खरीद प्रक्रिया, सुनिश्चित भंडारण क्षमता और परिवहन भी पर चर्चा हुई. चावल मिल मालिकों को पूरा भरोसा दिया गया कि आगामी खरीद सीजन में उन्हें किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. खास बात यह है कि किसानों की ओर से ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण करवाने के बाद ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से ही खरीद एवं भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी.
इसके अलावा, खरीफ फसलों के लिए प्रदेश की मंडियों में बारदाने एवं भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. भारत सरकार ने सामान्य किस्म के धान के लिए 2300 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए किस्म के धान के लिए 2320 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया है. बाजरे के लिए 2024-25 खरीफ खरीद सीजन के लिए एमएसपी 2625 रुपये प्रति क्विंटल है. सीजन के दौरान धान के लिए 241, बाजरे के लिए 91, मक्का के लिए 19, मूंग के लिए 38, मूंगफली के लिए सात, तिल के लिए 27, अरहर के लिए 22 और उड़द के लिए 10 मंडियों में खरीद केंद्र खोले गए हैं.
ये भी पढ़ें- बिना पात्रता पीएम किसान योजना का लाभ लेने वालों पर शिकंजा, जांच के दायरे में यूपी के 10 लाख किसान
वहीं, मिश्रा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि सभी खरीद केंद्रों पर हेल्प डेस्क, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों. इसके अलावा मंडियों में सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज लगाने के आदेश दिए गए हैं. किसानों की सुविधा के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, पंचकूला के कार्यालय में हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2600 जारी किया गया है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today