राजस्थान में खरीफ बुवाई की रफ्तार धीमी, अब तक सिर्फ 63 प्रतिशत लक्ष्य हासि‍ल, ये फसलें सबसे ज्यादा पिछड़ी

राजस्थान में खरीफ बुवाई की रफ्तार धीमी, अब तक सिर्फ 63 प्रतिशत लक्ष्य हासि‍ल, ये फसलें सबसे ज्यादा पिछड़ी

राजस्थान में 13 जुलाई 2026 तक खरीफ फसलों की बुवाई 104.12 लाख हेक्टेयर रही, जो लक्ष्य का 63% है. पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 17.83 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई हुई है. जानिए फसलवार बुवाई के आंकड़े...

Advertisement
राजस्थान में खरीफ बुवाई की रफ्तार धीमी, अब तक सिर्फ 63 प्रतिशत लक्ष्य हासि‍ल, ये फसलें सबसे ज्यादा पिछड़ीराजस्‍थान में पिछड़ी खरीफ की बुवाई

राजस्थान में कमजोर और असमान मॉनसून का असर खरीफ बुवाई पर साफ दिखाई देने लगा है. 13 जुलाई 2026 तक राज्य में खरीफ फसलों की कुल 104.12 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई है, जो निर्धारित 165.39 लाख हेक्टेयर लक्ष्य का केवल 63 प्रतिशत है. पिछले साल इसी अवधि में 121.95 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी, यानी इस बार करीब 17.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई कम हुई है. आंकड़ो के मुताबिक, ज्‍यादातर प्रमुख फसलों का रकबा पिछले साल की तुलना में घटा है, हालांकि कुछ फसलों में बढ़त भी दर्ज की गई है.

कृषि‍ विभाग के अनुसार, अनाज और दलहन को मिलाकर कुल खाद्यान्न फसलों की बुवाई 66.41 लाख हेक्टेयर रही है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 81.61 लाख हेक्टेयर थी. यानी करीब 15.20 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है. लक्ष्य के मुकाबले खाद्यान्न बुवाई केवल 66 प्रतिशत तक पहुंची है, जिससे आगे की उत्पादन संभावनाओं पर भी नजर रहेगी. 

बाजरा, ज्वार और धान की बुवाई पिछड़ी

अनाज फसलों में बाजरा सबसे बड़े रकबे वाली फसल है, लेकिन इसकी बुवाई पिछले वर्ष के 37.48 लाख हेक्टेयर से घटकर 27.43 लाख हेक्टेयर रह गई है. ज्वार का रकबा भी 5.53 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.28 लाख हेक्टेयर पर आ गया है. धान की बुवाई 1.97 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.76 लाख हेक्टेयर रह गई, जबकि मक्का लगभग स्थिर रहा और 8.05 लाख हेक्टेयर में बोया गया. छोटे अनाज (स्मॉल मिलेट्स) की बुवाई भी लक्ष्य से काफी पीछे है. 

दलहनों में मूंग और मोठ का रकबा घटा

दलहन फसलों में मूंग का रकबा सबसे अधिक 16.93 लाख हेक्टेयर रहा, लेकिन यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 17.88 लाख हेक्टेयर से कम है. मोठ की बुवाई भी 6.62 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.61 लाख हेक्टेयर रह गई. दूसरी ओर उड़द की बुवाई में बेहतर प्रदर्शन देखने मिला, इसका रकबा बढ़कर 2.79 लाख हेक्टेयर पहुंच गया, जो पिछले साल 2.66 लाख हेक्टेयर था. चवला भी लगभग पिछले स्तर पर बना हुआ है, जबकि अरहर की बुवाई पिछले साल की तुलना में काफी कम रही.

तिलहन में मूंगफली संभली, सोयाबीन पीछे

तिलहन फसलों में मूंगफली ने अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति दिखाई. इसकी बुवाई 9.81 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष के 8.05 लाख हेक्टेयर से अधिक है और लक्ष्य का 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है. इसके उलट सोयाबीन की बुवाई 9.03 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.06 लाख हेक्टेयर रह गई. तिल का रकबा लगभग आधा रह गया, जबकि अरंडी की बुवाई भी पिछले साल की तुलना में काफी कम दर्ज की गई. कुल तिलहन क्षेत्र 18.64 लाख हेक्टेयर है, जो लक्ष्य का 68 प्रतिशत है. 

दबाव में कपास और ग्वार की बुवाई 

नकदी फसलों में कपास की बुवाई 5.23 लाख हेक्टेयर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 6.14 लाख हेक्टेयर से अधिक थी. कपास बुवाई में लक्ष्य का लगभग 73 प्रतिशत ही पूरा हुआ है. ग्वार, जो राजस्थान की प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है, उसका रकबा भी 13.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 11.10 लाख हेक्टेयर रह गया है और लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि सि‍र्फ 44 प्रतिशत है. दूसरी ओर गन्ने की बुवाई लगभग पिछले साल के बराबर बनी हुई है और लक्ष्य का 93 प्रतिशत पूरा हो चुका है.

POST A COMMENT